- पितृ पक्ष में कथा सुनने और करवाने से पितरों को शांति मिलती : अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा
बुधवार को कथा के पहले दिन पंडित श्री मिश्रा ने कहाकि अगर ईश्वर के प्रति आपका विश्वास बढ़ता जाएगा, मेरा शिव आपको पास उतना निकट आता जाएगा। मन में भगवान से मिलने की उमंग होने पर आपको ईश्वर की शरण में जाना चाहिए, हृदय से प्रार्थना करनी चाहिए और नाम स्मरण करना चाहिए, जिससे मन शांत होगा और आप भगवान की उपस्थिति को महसूस कर पाएंगे, ईश्वर को ही सब कुछ मानना और दूसरों से अपेक्षाएं न रखना भी आवश्यक है, ताकि आप निराशा में न उलझें और समस्याओं को अवसर के रूप में देख सकें। कथा के दौरान उन्होंने अमेठी उत्तरप्रदेश से आई प्राची के प्रश्र का उत्तर देते हुए कहाकि आपको सपने में भगवान के दर्शन हो रहे है तो आपका विश्वास बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा अन्य श्रद्धालुओं के पत्र का वर्णन भी किया। कथा गंगा के समान होती है, जो मानव के जीवन को शुद्ध करती है। कथा सुनने से कानों के मार्ग से भगवान की भक्ति व्यक्ति के मन में प्रवेश कर जाती है। व्यक्ति के जीवन में नाम का रंग, संत का संग और प्रभु मिलने की उमंग हो तो बेड़ा पार हो जाता है। व्यास पीठ से किसी की निंदा और आलोचना से परेहज करना चाहिए और श्रद्धालुओं को भगवान से जोड़ने का क्रम करना चाहिए। भगवान अपने भक्त के मन को शांत करते है।

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