मुंबई : स्मिता ठाकरे की नई पहल, स्कूलों में मुक्ति कल्चरल हब की शुरुआत - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 16 सितंबर 2025

मुंबई : स्मिता ठाकरे की नई पहल, स्कूलों में मुक्ति कल्चरल हब की शुरुआत

  • अनुपम खेर के एक्टर प्रिपेयर्स के साथ साझेदारी

Smita-thakrey
मुंबई (अनिल बेदाग) : महिला सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय एनजीओ मुक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष और संस्थापक स्मिता ठाकरे ने वंचित बच्चों को सशक्त बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। उन्होंने स्कूलों में मुक्ति कल्चरल हब की शुरुआत की, जो स्लम इलाकों के बच्चों के लिए निःशुल्क "कला और नाट्य वर्कशॉप" प्रदान करेगा। इस पहल में अनुपम खेर के एक्टर प्रिपेयर्स के साथ साझेदारी की गई है। इसके तहत विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को डांस, नाटक और अभिनय की बारीकियां सिखाई जाएंगी। चयन प्रक्रिया स्कूल स्तर पर होगी और प्रतिभाशाली बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।


मुंबई के ताराबेन मास्टर स्कूल में हुई घोषणा के दौरान स्मिता ठाकरे ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के व्यक्तित्व विकास की भी आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा—"अपनी कला को आत्मविश्वास के साथ दुनिया के सामने लाओ। डांस, म्यूजिक, एक्टिंग या गायकी में जोश दिखाओ और सफलता की ओर पहला कदम बढ़ाओ।" मुक्ति कल्चरल हब की घोषणा फाउंडेशन के आओ भूख मिटाएँ अभियान के साथ हुई। स्मिता ठाकरे का मानना है कि पेट भरने के बाद ही बच्चे अपने हुनर को निखार सकते हैं। इसीलिए मुक्ति फाउंडेशन स्लम बस्तियों के बच्चों को शिक्षा, भोजन और अब कला की दिशा में अवसर उपलब्ध करा रहा है। इस पहल का समर्थन पहले भी कई सितारे कर चुके हैं। टाइगर श्रॉफ, वरुण धवन और श्रद्धा कपूर जैसे कलाकार मुक्ति फाउंडेशन से जुड़े हैं। फिल्म इंडस्ट्री के कई वरिष्ठ अभिनेता और निर्देशक भी इस कल्चरल हब से जुड़ने के इच्छुक हैं। स्मिता ठाकरे ने कहा—"प्रतिभा अमीर या गरीब की सीमा में बंधी नहीं होनी चाहिए, हर बच्चे को कला के मंच तक पहुंचना चाहिए।"

कोई टिप्पणी नहीं: