- गांव के मुन्ना से लेकर प्रदेश के मुन्ना लाल मौर्य मंत्री तक का सफर
राजनीतिक सफर और उपलब्धियां
स्वर्गीय मुन्ना लाल मौर्य ने राजनीति की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी और शीघ्र ही जनता के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। वे फतेहपुर जिले में पिछड़े वर्ग की मज़बूत आवाज़ माने जाते थे। प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने शिक्षा, सड़क और ग्रामीण विकास से जुड़े कई कार्य कराए। अपने कार्यकाल में उन्होंने गरीब, किसान और मजदूर वर्ग की समस्याओं को सदन से लेकर सड़क तक उठाया। जनसेवा ही उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य रहा, यही कारण था कि वे जनता के बीच “जनसेवक मंत्री” के नाम से लोकप्रिय थे।
परिवार और समर्थकों की भावनाएं
परिवारजनों ने कहा कि स्व. मौर्य का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। वहीं, क्षेत्रीय युवा नेताओं ने उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने बताया कि आज भी लोग उन्हें सच्चे जनसेवक के रूप में याद करते हैं। इस दौरान स्वर्गीय मंत्री जी को राजनीतिक बनाने में सबसे बड़ा त्याग करने वाले एवं सहयोग करने वाले उनके सगे चाचा कल्लू प्रसाद मौर्य ने रोते हुए कहा कि उन्होंने अपने मुन्ना को जनता का चहेता मुन्ना लाल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जिसका नतीजा ये रहा है कि आज उनके न रहने के बाद भी लोग मुन्ना का नाम सम्मान के साथ लेते हुए राजनीति का ध्रुव सितारा मानते हैं जो कभी धूमिल नहीं होगा। इसी कड़ी में स्वर्गीय मंत्री जी के साथी - संगाती रहे वरिष्ठ सपा नेता एवं नगर पालिका परिषद चेयरमैन, फतेहपुर एडवोकेट राजकुमार मौर्य, गार्गीदीन बाजपेई, गुरु प्रसाद चौरसिया, वरिष्ठ पत्रकार एवं शायर शिवशरण बंधु, वरिष्ठ पत्रकार एवं साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी, रामनारायण मौर्य, पत्रकार शीबू खान, अखिलेश मौर्य सहित कई अन्य लोगों ने अपने चहेते मंत्री जी की स्मृति को संजोते हुए उनके साथ बीती खट्टी - मीठी बातों को मंच से साझा किया है।

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