दिल्ली : देशभक्ति गीत सिर्फ शुरुआत है... यात्रा अभी बाकी है : विकास जैन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 16 सितंबर 2025

दिल्ली : देशभक्ति गीत सिर्फ शुरुआत है... यात्रा अभी बाकी है : विकास जैन

Vikas-jain
नई दिल्ली (रजनीश के झा)। गीतकार और गायक विकास जैन ने अपने गानों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी योजनाओं को सुरों में पिरोया, तो इन गीतों ने केवल श्रोताओं के कानों में ही नहीं, बल्कि उनके दिलों में भी गहरी छाप छोड़ी। "मेरा स्वाभिमान है मोदी, भारत की जान है मोदी..." – यह गीत केवल एक पंक्ति नहीं, बल्कि कार्यकर्त्ता की भावना का प्रतीक बन गया, जो नरेंद्र मोदी को देश की नई दिशा और पहचान मानते हैं। इस गीत के चलते विकास जैन ने भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े मंचों पर अपनी गायकी का जादू बिखेरा।


अमित शाह के मंच से गूंजा गीत -

“जिसने भारत की नारी का स्वाभिमान जगाया है…”

“जिसने हर देश के प्रधानमंत्री को गीता का उपहार दिया है…”

“जिसने योग को विश्व पटल पर अंकित किया है…”

जब अमित शाह के मंच से विकास जैन की आवाज में पीएम मोदी के कार्यों को समर्पित  ये गीत गूंजा, तो विशाल जनसमूह अचानक शांत हो गया। गीत के बोल मानो हर श्रोता के दिल की धड़कन से जुड़ गए। इस अद्भुत क्षण को विकास जैन आज भी अपने जीवन का सबसे बड़ा पुरस्कार मानते हैं।


देश के बंटवारे और आजादी पर गाए भावुक गीत -- 

विकास जैन ने इतिहास के पन्नों को भी अपने सुरों से सजाया है। उन्होंने 1947 के बंटवारे और आजादी के संघर्ष पर दो बेहद भावुक देशभक्ति गीत गाए हैं।

शीर्षक है " तेरा लहू हो, या मेरा लहू हो 

दर्द तो लेकिन होता है भाई 

हिन्दू तो कोई, या हो मुस्लमा 

जंग से मजहब तो रोता है भाई

दूसरा गीत जिसे लाखों लोगो नें सुना है शब्द है - " हे माँ, हे माँ, हे माँ 

कहाँ गए तेरे वीर बेटे, फौलादी थे इनके सीने 

मजबूत थे जिनके इरादे"


इन गीतों में अंग्रेजी हुकूमत से मिली आजादी की कीमत, बंटवारे के जख्म और जवानों की शहादत को शब्दों में पिरोया गया है। श्रोताओं का कहना है कि जब वे इन गीतों को सुनते हैं, तो मानो उन्हें वही दौर फिर से याद आने लगता है, जब मातृभूमि की मिट्टी के लिए अनगिनत वीरों ने प्राणों की आहुति दी थी। देशभक्ति गीतों की यह प्रस्तुति आज की पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का काम करती है और यही एक कलाकार की जिम्मेदारी भी है।


ग़ज़ल और भजन लिखने मे महारत --

देशभक्ति गीतों तक सीमित न रहते हुए विकास जैन ने ग़ज़लों और भजन लिखने मे भी रुचि दिखाई । वे मानते हैं कि ग़ज़लें दिल की गहराइयों को व्यक्त करने का सबसे खूबसूरत माध्यम हैं। अपनी एक प्कविता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा “कितनी देर से प्यासा हूं मैं, ये अब समझ पाया हूं मैं…” यह प्रस्तुति दर्शाती है कि विकास संवेदनाओं और भावनाओं को भी सुरों में ढालने का हुनर रखते हैं। विकास का मानना है कि यूट्यूब के जरिए वह देश के हर कोने तक अपनें गाने पहुंचा सकते हैं। इसी दिशा में  “The VJ”  नाम से श्रोताओं मे उनकी पहचान बनने लगी है कि वे केवल एक ही शैली में बंधे नहीं हैं। बल्कि इक पार्टी सांग भी बनाया है व ग़ज़लों व रोमांटिक गानों से भी खुद को साबित करना चाहते हैं जोकि उनका संगीत के प्रति समर्पण और जुनून को दर्शाता है। उनका मानना है कि एक सच्चा कलाकार वही है, जो श्रोताओं की भावनाओं को अपने गीतों के माध्यम से अभिव्यक्त करे। यही वजह है कि उनके गानों में श्रोताओं को केवल शब्द नहीं, बल्कि सच्ची संवेदनाएं सुनाई देती हैं।


भविष्य की योजनाएं

भविष्य को लेकर विकास बेहद आशावादी हैं। उन्हें विश्वास हैं कि उनके गाने आगे चलकर उन्हें फिल्मों में काम दिलावाएंगे। वे कहते हैं कि संगीत की दुनिया में निरंतर सीखना और नया प्रयोग करना ही कलाकार को जीवंत बनाए रखता है। यही वजह है कि वह हर गीत के साथ कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं व विभिन्न रागों मे बनाते भी है । फिल्मों में विकास अपने बनाये गानों के आने की इच्छा रखते है। विकास का सपना है कि वह फिल्मों में भी अपनी आवाज का जादू बिखेरें।

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