- खुल्लमखुला लूट, मोदी ने अपने यार अडानी को दी एक रु. की दर से 1050 एकड़ अनमोल जमीन
- भूमिहीनों के आवास, स्कूल भवन, अस्पताल आदि के लिए जमीन नहीं, अडाणी के लिए जमीन ही जमीन
बिहार में एक ओर सरकार के पास भूमिहीनों के आवास, स्कूल, अस्पताल आदि बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है, वहीं दूसरी ओर अडानी जैसे पूंजीपतियों को एक रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन देने के लिए जमीन ही जमीन है. बिहार में भूमिहीनता बहुत अधिक है, और जिनके पास थोड़ी बहुत जमीन है, उन्हें भी अडानी को सौंप दी जा रही है. हाल ही में, पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया, जिसमें किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिला. आवासीय जमीन को खेती की जमीन बताकर चंद मुआवजा थमा दिया गया. बिहार में किसी भी भूमि अधिग्रहण में किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलता. बहुप्रचारित राम-जानकी पथ के तहत सिवान जिले के मेहरोना से मलमलिया तक के क्षेत्र में घनी आबादी वाले इलाकों को कृषि भूमि दिखाकर अधिग्रहण कर लिया गया. भारतमाला परियोजना के तहत फतुहा के भेड़गांवां, वाजितपुर, सैदनपुर, रबियाचक और अन्य इलाकों, साथ ही पश्चिम चंपारण के सिकटा में इंडो-नेपाल सड़क निर्माण कार्य में व्यवसायिक और आवासीय भूमि का मूल्यांकन कर आधा-अधूरा मुआवजा दिया गया.
नवादा के नादरीगंज में दो गांवों की जमीन बिना मुआवजे के ही अधिग्रहित कर ली गई है. वहीं, बक्सर के चैसा में किसानों को मुआवजे के बजाय पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा. व्यवसायिक भूमि का मूल्यांकन कृषि भूमि के रूप में किया जा रहा है.
भाकपा-माले जल्द ही इन मामलों की जांच के लिए एक टीम भेजेगी. पार्टी की मुख्य मांग है कि सरकार इन परियोजनाओं को तुरंत रद्द करे.
Cpiml, Bihar

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