“पिछले दस वर्षों में भारत ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है,” डॉ. शुक्ल ने कहा। “जल जीवन मिशन, पीएम किसान सम्मान निधि, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं ने गाँव, किसान, महिलाएँ और युवाओं को सशक्त किया है।” उन्होंने कहा कि मोदी जी के "अंत्योदय" के विचार—समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना—को जमीनी स्तर पर साकार किया जा रहा है। ग्राम्य के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है। ASRE के जरिए हरित ऊर्जा और सतत विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खेल और विशेषकर कराटे जैसे मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में युवाओं के लिए अनुशासन और प्रेरणा का वातावरण तैयार किया जा रहा है।
डॉ. शुक्ल ने प्रधानमंत्री के जनसंपर्क की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे सैनिकों के साथ दीवाली मनाते हैं, परीक्षा पे चर्चा में छात्रों से संवाद करते हैं, और G20 की अध्यक्षता में भारत की संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हैं। “उनका मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए हर भारतीय का आह्वान है,” डॉ. शुक्ल ने कहा। अंत में डॉ. शुक्ल ने कहा: “नरेंद्र मोदी जी एक सच्चे कर्मयोगी हैं। उन्होंने सपनों को साकार किया है और चुनौतियों को अवसरों में बदला है। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में उनका मार्गदर्शन हमारा पथदर्शक है।” डॉ. शुक्ल ने ईश्वर से प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और असीम ऊर्जा की कामना की, जिससे वे भारत को और ऊँचाइयों तक ले जाते रहें।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें