- स्वर्गीय पिता से मिली प्रेरणा, मुंबई में नई उड़ान भरेंगी अलंकृता
अपनी नई शुरुआत को लेकर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मुंबई मेरी रूह की धड़कन है। यही शहर सपनों को पंख देता है और मैं चाहती थी कि फिर से उसी माहौल का हिस्सा बनूँ। चंडीगढ़ हमेशा मेरी यादों में रहेगा, लेकिन मुंबई ही मेरी असली जगह है, और यहाँ मैं पूरे जोश और जुनून के साथ अपने आगामी प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हूँ।”उन्होंने भावुक होकर अपने पिता को भी याद किया, “मेरे वापस आने की असली वजह मेरे स्वर्गीय पिता अनुप सहाय हैं। वही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा थे और आज भी मुझे सही दिशा दिखाते हैं। मुझे महसूस होता है कि वह हर दिन मुझे और ऊँचाइयों तक पहुँचने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।” इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, अलंकृता न सिर्फ़ कई नए प्रोजेक्ट्स में नज़र आएँगी, बल्कि वह भारतीय सिनेमा में अलग-अलग और दमदार किरदारों को तलाशने की ओर भी बढ़ रही हैं। ग्लैमर और गहराई से भरपूर, यह नई शुरुआत अलंकृता सहाय के करियर का एक ऐसा अध्याय है जो दर्शकों को नई कहानियों और यादगार प्रस्तुतियों से जोड़ने का वादा करता है।

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