मुंबई : "नो एक्सेस, नो शॉर्टकट्स, फिर भी अनंत ने डिलीवर किया": अजेय के लेखक दिलीप झा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025

मुंबई : "नो एक्सेस, नो शॉर्टकट्स, फिर भी अनंत ने डिलीवर किया": अजेय के लेखक दिलीप झा

Film-ajey-writer
मुंबई, अक्टूबर, (रजनीश के झा) : हाल ही में रिलीज़ हुई बायोपिक "अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ अ योगी" में अभिनेता अनंत वी. जोशी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीवन यात्रा को पर्दे पर सजीव कर दिया है। फिल्म को लेकर दर्शकों और आलोचकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, खासकर अनंत की परफॉर्मेंस को लेकर। समीक्षकों का कहना है कि अनंत ने युवा पहाड़ी लड़के से लेकर दृढ़ राजनीतिक नेता तक के बदलाव को बारीकी और गहराई से दर्शाया है। फिल्म का एक बड़ा आकर्षण इसका दमदार स्क्रिप्ट है, जिसे लिखा है मशहूर लेखक दिलीप झा ने। दिलीप झा पहले भी ब्लॉकबस्टर स्पोर्ट्स बायोपिक "एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी" लिख चुके हैं और इस बार फिर से उन्होंने एक प्रभावशाली सार्वजनिक शख़्सियत की कहानी को पर्दे पर उतारा है। इंडस्ट्री में अनंत की परफॉर्मेंस की तुलना आज सुशांत सिंह राजपूत की "एम.एस. धोनी" से की जा रही है। दोनों ही कलाकारों ने ऐसे किरदार निभाए, जो देश की नज़रों में ज़िंदा दिग्गज हैं और जिनके हाव-भाव से लेकर व्यक्तित्व तक को पूरी तरह पकड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण है। इस पर दिलीप झा कहते हैं, बायोपिक्स में सिर्फ डायलॉग ही नहीं, बल्कि उस व्यक्ति का पूरा सार पकड़ना जरुरी होता है। सुशांत ने धोनी की मजबूती को बखूबी जीया और अनंत ने अजेय सिंह बिष्ट की अटूट आस्था और दृढ़ विश्वास को बड़ी ईमानदारी से निभाया है। असली फर्क यह है कि सुशांत को धोनी के साथ लंबा वक्त बिताने का अवसर मिला, जिससे वो उनके बॉडी लैंग्वेज और बारीकियों को सीख सके। वहीं अनंत को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का अवसर नहीं मिला, फिर भी उन्होंने गहन रिसर्च और पूरी समर्पण भावना से एक ऐसा किरदार निभाया जो बेहद प्रामाणिक लगता है। यह उनकी मेहनत और प्रतिभा का सबूत है।" बिना सीधे इंटरैक्शन के भी अनंत वी. जोशी का यह कमाल का अभिनय उन्हें मौजूदा दौर के सबसे समर्पित और उभरते हुए अभिनेताओं में मजबूत पहचान दिला रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं: