पटना : खेत खलिहानों से निकल कर सूरज कुमार सिंह ने कॉर्पोरेट जगत में किया सारण का नाम रौशन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

पटना : खेत खलिहानों से निकल कर सूरज कुमार सिंह ने कॉर्पोरेट जगत में किया सारण का नाम रौशन

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पटना (रजनीश के झा)। बिहार की मिट्टी हमेशा ऐसे सपूत जन्म देती है, जो कठिनाइयों को अवसर में बदल देते हैं। सारण जिले के कराह गाँव के किसान परिवार में जन्मे सूरज कुमार सिंह की कहानी इसी जज़्बे की मिसाल है। गाँव की गलियों और खेत-खलिहानों से सीखी सादगी, धैर्य और ईमानदारी ने उनके जीवन की दिशा तय की। यही संस्कार आगे चलकर उनके संघर्षों और सफलताओं की असली पूँजी बने। सुरज कुमार सिंह ने भारतीय नौसेना में 15 वर्षों तक सेवा देकर देश की सुरक्षा में योगदान दिया। नौसेना ने उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और त्याग का सबक दिया, जिसे उन्होंने अपने जीवन के हर क्षेत्र में उतारा। रिटायरमेंट के बाद भी उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखा और अपने पेंशन से कराह गाँव में निकुंभेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना कर सामाजिक मूल्यों को मजबूत किया।


मुंबई पोस्टिंग के दौरान उनका रुझान शेयर बाज़ार की ओर हुआ। शुरुआती वर्षों में घाटे सहने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। सीख को अवसर में बदलते हुए 2020 की महामारी के समय IPO मार्केट में ऐसी रणनीति अपनाई, जिसने उन्हें 100 करोड़ रुपये का मुनाफा दिलाया। यही नहीं, रियल एस्टेट सेक्टर में उन्होंने हिमालय ग्रुप के साथ कई सफल प्रोजेक्ट पूरे किए और 2023 में कर्णिका इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड को IPO के ज़रिये बाज़ार में उतारकर कंपनी को महज़ दो साल में 1100 करोड़ रुपये का मार्केट कैप दिला दिया। आज उनकी कंपनी देशभर में फैक्ट्रियाँ और DEE Hub रिटेल चेन चला रही है, जिससे हज़ारों युवाओं को रोज़गार मिल रहा है। उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला। 11 मई 2025 को उन्हें झारखंड में बिरसा मुंडा प्रतिष्ठित पुरस्कार और जून 2025 में दिल्ली सरकार की ओर से व्यापार रत्न पुरस्कार से नवाज़ा गया। इसके साथ ही वे देश के विभिन्न IIMs और प्रबंधन संस्थानों में युवाओं को प्रेरित करने के लिए गेस्ट स्पीकर के रूप में आमंत्रित होते हैं। खेत से कॉर्पोरेट बोर्डरूम तक का सफर सुरज कुमार सिंह की यह गाथा साबित करती है कि ईमानदारी, अनुशासन और संघर्ष ही असली सफलता की कुंजी है। यह सिर्फ़ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सपनों को हकीकत में बदलने का साहस रखते हैं।

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