वहीं दूसरी ओर, महात्मा गांधी की जयंती पर अहिंसा परमो धर्म की भावना के साथ एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छात्राओं ने गांधी जी के विचारों को साझा करते हुए उन्हें आज के परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम की शुरुआत गांधी जी के प्रिय भजनों से हुई, जिसके पश्चात छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक में गांधी जी के जीवन के प्रमुख पहलुओं-सत्य, अहिंसा, स्वदेशी आंदोलन एवं स्वतंत्रता संग्राम को प्रभावशाली एवं जनमानस को जागरूक करने वाले तरीके से प्रस्तुत किया गया। छात्राओं के ओजस्वी भाषणों ने सभी को गांधी के आदर्शों-सत्यनिष्ठा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता व सामाजिक समरसता को आत्मसात करने हेतु प्रेरित किया। दोनों कार्यक्रमों में छात्राओं की सहभागिता उल्लेखनीय रही और उनके सर्वांगीण विकास के साथ-साथ नैतिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा को भी बढ़ावा मिला। कार्यक्रमों का समापन सामूहिक प्रसाद वितरण, प्रमाण पत्र वितरण और सद्भावना संदेशों के साथ हुआ। इन आयोजनों में परिसर के परिवारजन, शिक्षकगण, छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंने इन आयोजनों को यादगार एवं प्रेरणादायक बना दिया।
सीहोर। कन्या शिक्षा परिसर, सीहोर में विजयदशमी उत्सव एवं आनंद मेला तथा गांधी जयंती समारोह का आयोजन पूरे हर्षोल्लास, सांस्कृतिक गरिमा एवं प्रेरणादायक वातावरण में किया गया। दशहरा उत्सव एवं आनंद मेला के अंतर्गत छात्राओं ने भव्य रामलीला मंचन द्वारा भगवान राम, लक्ष्मण, सीता, रावण आदि पात्रों का जीवंत अभिनय प्रस्तुत किया, जिससे पूरा परिसर धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण में सराबोर हो गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रावण दहन रहा, जिसने बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। साथ ही, आनंद मेला में छात्राओं ने एक साथ विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया ,जिससे उनकी रचनात्मकता, सहभागिता एवं उद्यमशीलता को बल मिला। शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों द्वारा प्रस्तुत गीत-संगीत और नृत्य ने कार्यक्रम में और भी रंग भर दिए।

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