- सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की

सीहोर। शहर के छावनी बग्गी खाने स्थित प्राचीन श्रीराम जानकी मंदिर में शर्मा परिवार के सहयोग से करीब 150 सालों से अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर सायं 7:30 बजे मंदिर परिसर में भगवान के समक्ष 56 भोग लगाकर आरती के पश्चात भोजन प्रसादी का वितरण किया गया। इस मौके पर भागवत भूषण कथा वाचक पंडित अभिषेक भारद्वाज ने कहा कि पूर्वजों की परम्परा के अनुसार विगत करीब 150 सालों से कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहां पर विधि-विधान से अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। देव दिवाली यानी देवताओं की दीपावली। इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक दैत्य का वध किया था। इसके बाद सभी देवताओं ने धरती पर आकर दीपक जलाएं थे। देव दिवाली पर स्नान करके दीपक जलाने से सभी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है साथ ही माता लक्ष्मी की कृपा से कभी भी धन धान्य की कमी नहीं होती है। इस दिन वैसे को गंगा के किनारे जाकर दीप दान करना चाहिए। यदि आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो अपने घर पर ही 5 स्थानों पर दीप जरूर जलाएं। उत्सव में पधारे संत श्री उद्धवदास जी ने अपने आशीष वचनों से अन्नकूट की महिमा का सुंदर वर्णन किया।कार्तिक माह में अन्नकूट लागए जाने की परम्परा है।
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