नाले के साइड नाली भी बनाई जाएगी, जिससे कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी नाले में नहीं मिले। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है और यदि सब कुछ ठीक रहा तो सीद नाले की सूरत बदल जाएगी। मौजूदा समय में सीटू नाले की हालत खराब है। बारिश के मौसम में नाले का पानी बहकर घरों तक में भरा जाता है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को दूर कर नाले का कायाकल्प करने नगर पालिका ने योजना बनाई थी जिसे मूर्त रूप देने जल्द ही काम शुरू हो गया है। इंग्लिशपुरा से दूल्हा बादशाह तक कायाकल्प कर सौदर्यकरण किया जाएगा।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर की इस मुहिम का क्षेत्रवासियों ने स्वागत किया है। बारिश के दौरान अनेक बार तो बाजार में पानी भर चुका है। इससे करोड़ों का नुकसान भी हो चुका है। इसलिए नगर पालिका ने इसके गहरीकरण, समतलीकरण और सफाई का काम शुरू कर दिया है। शहर के बीच से सीवन नदी और सीटू नाला गुजरता है। इन दोनों में ही सिर्फ बारिश के समय पानी बहता है। बाकी समय नदी-नाले में पानी ठहरा रहता है, लेकिन बारिश के समय ही ये दोनों इतनी तबाही मचाते हैं कि लोगों को करोड़ों का नुकसान हो जाता है। यूं कहें कि सीवन नदी से बहुत कम बल्कि सीटू नाले से ही ज्यादा नुकसान होता है। इसको ध्यान में रखते हुए नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने अभी से ही इसका काम शुरू करा दिया है। इसका समतलीकरण, गहरीकरण और सफाई का काम चल रहा है। आगामी दिनों में कार्य पूर्ण किया जाएगा।

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