वाराणसी : 94 साल बाद जातिगत जनगणना : ओबीसी के लिए सबसे बड़ा सुधार : डॉ. के. लक्ष्मण - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 23 नवंबर 2025

वाराणसी : 94 साल बाद जातिगत जनगणना : ओबीसी के लिए सबसे बड़ा सुधार : डॉ. के. लक्ष्मण

  • मोदी सरकार के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए राहुल–कांग्रेस पर साधा निशाना, मोदी सरकार ने दी ओबीसी समाज को असली पहचान

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वाराणसी (सुरेश गांधी ). भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आगामी 2026 की जनगणना में जाति आधारित कॉलम जोड़े जाने का निर्णय स्वतंत्रता के बाद ओबीसी समाज से जुड़ा सबसे बड़ा सुधार है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “ऐतिहासिक और साहसिक पहल” बताते हुए कहा कि 94 साल बाद देश को पहली बार जाति आधारित आधिकारिक डेटा मिलेगा, जिससे सामाजिक न्याय और नीतियों के पुनर्मूल्यांकन को नया आधार मिलेगा। डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि ओबीसी समाज की दशकों पुरानी मांग को कांग्रेस सरकारों ने हमेशा अनसुना किया। 1931 में अंतिम जातिगत जनगणना हुई थी। आज़ादी के बाद कांग्रेस ने न सिर्फ इसे रोका, बल्कि जनगणना अधिनियम संशोधित कर जाति कॉलम ही समाप्त करा दिया. उन्होंने आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वह निर्णय लिया, जिसे कांग्रेस और विपक्ष की सरकारें 70 साल में नहीं ले सकीं। ओबीसी समाज का सम्मान और गौरव मोदी जी के नेतृत्व में लगातार बढ़ा है। यही कारण है कि देश में पहली बार कोई प्रधानमंत्री लगातार तीसरी बार चुनकर आया है।


नेहरू–इंदिरा पर प्रहार, राहुल गांधी को घेरा

डॉ. लक्ष्मण ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 1953 में गठित काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट को नेहरू ने सिरे से खारिज कर दिया था। नेहरू ने 1961 में राज्यों को पत्र लिखकर जाति आधारित आरक्षण का विरोध किया। इंदिरा गांधी ने मंडल आयोग को वर्षों तक ठंडे बस्ते में रखा. राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए डॉ. लक्ष्मण ने कहा, राहुल कहते हैं कि मोदी सरकार आरक्षण खत्म कर देगी, जबकि सच्चाई यह है कि 55 वर्षों तक ओबीसी के अधिकारों को कांग्रेस ने ही रोके रखा। राहुल गांधी अपने परिवार की आबादी बताएं— तीन सांसद उनके ही परिवार से हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की “भ्रम फैलाने वाली राजनीति” बताया।


सपा–राजद पर भी सवाल : ‘समर्थन दिया, फिर भी नहीं दिलाया संवैधानिक दर्जा’

डॉ. लक्ष्मण ने सपा और राजद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दस वर्ष तक यूपीए सरकार सपा–राजद के समर्थन से चली, लेकिन फिर भी ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया गया। अगर पिछड़ों के हितों के प्रति इतनी संवेदना थी तो आयोग को संवैधानिक मान्यता क्यों नहीं दिलाई?


2027 में भाजपा की हैट्रिक तय, ओबीसी समाज मजबूती से साथ

पत्रकार वार्ता में उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी। ओबीसी समाज पूरी मजबूती से प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है.


कल्याणकारी योजनाओं को मिलेगा वैज्ञानिक आधार

उन्होंने कहा कि 94 साल बाद मिलने वाले जातिगत आंकड़े ओबीसी कल्याण योजनाओं को वास्तविक जरूरतों के अनुरूप ढालने में मील का पत्थर साबित होंगे। यह डेटा नीति-निर्माण, बजट आवंटन और अवसरों की समानता सुनिश्चित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा. पत्रकार वार्ता का संचालन भाजपा काशी क्षेत्र मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने किया। इस अवसर पर काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल, ओबीसी मोर्चा प्रदेश मंत्री ज्योति सोनी, सह प्रभारी संतोष सोलापुरकर, शैलेन्द्र मिश्रा सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

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