दरभंगा : DCE दरभंगा और IIT पटना इन्क्यूबेशन सेंटर के बीच एमओयू - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 25 नवंबर 2025

दरभंगा : DCE दरभंगा और IIT पटना इन्क्यूबेशन सेंटर के बीच एमओयू

  • क्षेत्रीय इन्क्यूबेशन एक्सटेंशन सेंटर की स्थापना से नवाचार को मिलेगी नई दिशा

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दरभंगा (रजनीश के झा)। कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE), दरभंगा और इन्क्यूबेशन सेंटर, IIT पटना के बीच दिनाँक 25.11.2025 को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU)* पर हस्ताक्षर किए गए। इस MoU के तहत DCE परिसर में एक क्षेत्रीय इन्क्यूबेशन एक्सटेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो मिथिला और आसपास के क्षेत्रों में नवाचार, तकनीकी विकास और उद्यमिता संस्कृति को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह MoU अहमद महमूद, आई.ए.एस., अतिरिक्त सचिव-cum-निदेशक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार सरकार* की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की ओर से डॉ. संदीप तिवारी, प्राचार्य, DCE जो पूर्व में Dean, Innovation Hub, AKTU उत्तर प्रदेश* रह चुके हैं,  ने MoU पर हस्ताक्षर किए। IIT पटना की ओर से डॉ. सुधीर कुमार, सचिव, इन्क्यूबेशन सेंटर, IIT पटना ने हस्ताक्षर किए।


DCE में स्थापित MIITIE – Mithila Institute of Inclusive Technological Innovation & Entrepreneurship पिछले वर्षों में क्षेत्र का एक प्रमुख इन्क्यूबेशन प्लेटफॉर्म बन चुका है। इसके माध्यम से 30 स्टार्टअप्स को बिहार स्टार्टअप ट्रस्ट फंड के तहत ₹10 लाख तक का प्रारम्भिक अनुदान (Seed Fund) प्रदान किया गया है।संस्थान ने छात्रों, स्थानीय उद्यमियों व ग्रामीण नवप्रवर्तकों के बीच नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई हैकाथॉन, बूटकैंप, कार्यशालाएँ और उद्योग-अकादमिक संवाद कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है। MIITIE की सफलता इस बात का प्रमाण है कि DCE नवाचार आधारित शिक्षा और उद्यमिता निर्माण में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है। DCE के संपूर्ण नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के Chief Mentor हैं श्री नवीन झा, Senior ALI Fellow, Harvard University जो विश्व पटल पर शिक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं एवं उन्होंने DCE में उच्च शिक्षा नीति, नेतृत्व, नवाचार और स्टार्टअप विकास में  महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके मार्गदर्शन में DCE ने स्टार्टअप संस्कृति को न केवल मजबूत किया है बल्कि छात्रों को वैश्विक स्तर के अवसरों से भी जोड़ा है।


DCE में स्थापित होने वाला नया केंद्र नवप्रवर्तकों को निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान करेगा:

उन्नत प्रोटोटाइपिंग एवं तकनीकी लैब

आधुनिक को-वर्किंग स्पेस

राष्ट्रीय स्तर के मेंटर्स** के साथ सीधा संपर्क

बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, मार्केट लिंकज एवं निवेशक नेटवर्किंग

Idea → PoC → Product → Startup तक हर स्तर पर सहयोग


यह केंद्र आने वाले वर्षों में **सैकड़ों इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स** को संवारने का लक्ष्य रखता है। DCE का उद्देश्य मिथिला व उत्तर बिहार को नवाचार और उद्यमिता के नए केंद्र के रूप में विकसित करना है। नई साझेदारी, पूर्व सफलताओं और मजबूत नेतृत्व के साथ संस्थान क्षेत्र में Innovation Driven Growth का आधार बनने की दिशा में अग्रसर है। दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त करता है, जिनके निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग से यह महत्वपूर्ण पहल संभव हो पाया है।

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