- आर्थिक तंगी से जूझ रहे लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को सरकार की सौगात, जनता की जेब में राहत, बिजली अफसरों ने समझाई नई योजना की पूरी प्रक्रिया
- गलत बिल, ज्यादा बिल या कोर्ट केस... सबका होगा निपटारा एक ही योजना में, नॉर्मेटिव यूनिट पर आधारित नए बिल से मिलेगी पारदर्शी राहत
तीन चरणों में लागू होगी छूट, ब्याज पूरी तरह माफ
योजना तीन चरणों में लागू होगी और हर चरण में ब्याज की पूरी माफी रहेगी। तीस दिनों की तीन अलग-अलग अवधि में मूलधन पर छूट मिलेगी, पहला चरण (1 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025) : ब्याज पूरी तरह माफ, मूलधन पर 25 फीसदी छूट. यह सबसे अधिक लाभ वाला चरण है. दूसरा चरण (1 जनवरी से 31 जनवरी 2026) तक, ब्याज माफी मूलधन पर 20 फीसदी छूट तथा तीसरा चरण (1 फरवरी से 28 फरवरी 2026) तक, ब्याज माफी मूलधन पर 15 फीसदी छूट. अधिकारियों ने सलाह दी कि उपभोक्ता पहले चरण में ही पंजीकरण कराएं, ताकि अधिकतम राहत मिल सके।
1 किलोवाट घरेलू उपभोक्ताओं पर विशेष जोर
योजना मुख्यतः आर्थिक रूप से कमजोर तबके के उन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बनाई गई है, जिनका एक किलोवाट तक का कनेक्शन है, जो लंबे समय से बिजली बिल नहीं जमा कर पा रहे थे, जिन पर बकाया लगातार बढ़ता चला गया, अधिकारियों ने कहा कि यह योजना इन परिवारों की वित्तीय स्थिति देखते हुए तैयार की गई है।
लाइन कटी हो, आरसी लगी हो, केस कोर्ट में हो, सब होंगे शामिल
योजना के दायरे को व्यापक बनाते हुए विभाग ने घोषणा की, जिन उपभोक्ताओं की बिजली लाइन काट दी गई है, जिन पर आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी है, जिनके खिलाफ कंपाउंडिंग/रेड की कार्रवाई हुई है, जिनका मामला अदालत में लंबित है, वे सभी इस योजना में शामिल होंगे। विभाग ने कहा, कोई भी उपभोक्ता छूट से वंचित नहीं रहेगा।
750 रुपये वाली श्रेणी और 5 किलोवाट तक के उपभोक्ता भी लाभान्वित
विभाग ने दो प्रमुख कैटेगरी बनाई हैं, 1. मासिक 750 रुपये बिल श्रेणी 2. 5 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ता. इन कैटेगरी को ब्याज माफी के साथ मूलधन पर भी विशेष छूट दी जाएगी। इससे मध्यम वर्गीय परिवार भी राहत पा सकेंगे।
गलत बिल व अत्यधिक बिल की शिकायत खत्म : बनेगा ‘नॉर्मेटिव बिल’
अक्सर उपभोक्ताओं को शिकायत रहती थी कि “बिल अधिक आया”, “मीटर गलत है”, “सिस्टम ने ज्यादा यूनिट डाल दिया।” इसी को देखते हुए विभाग ने एक मानक (नॉर्मेटिव यूनिट) तय किया है, 144 यूनिट प्रति किलोवाट (नॉर्मेटिव खपत), अब यदि किसी उपभोक्ता का बिल इस मानक से बहुत अधिक है, तो सिस्टम खुद उनके बिल को पुनर्गणना करेगा, फिर उसी सुधारे गए बिल पर छूट लागू होगी। यदि किसी उपभोक्ता का बिल नॉर्मेटिव से भी कम है, तो, पहले बिल को जांच के लिए रजिस्टर किया जाएगा, फिर सुधार के बाद रजिस्ट्रेशन पूरा होगा।
बिजली चोरी/कंपाउंडिंग मामलों के लिए भी राहत
जिन उपभोक्ताओं पर चोरी या अनियमितता के मामले में कंपाउंडिंग लग चुकी है, उन्हें भी तीन चरणों में राहत दी गई है, पहला चरणः कंपाउंडिंग राशि का 50 फीसदी जमा, दूसरा चरण : 55 फीसदी जमा, तीसरा चरणः 60 फीसदी जमा, शेष राशि माफ कर दी जाएगी। अफसरों ने कहा, “हमारा उद्देश्य दंड नहीं, सुधार है। जो लोग भुगतान करना चाहते हैं, उन्हें अवसर मिलना चाहिए।”
स्मार्ट मीटर वालों को भी समान राहत
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं में यह भ्रम था कि क्या वे छूट के पात्र होंगे? विभाग ने स्पष्ट किया, “स्मार्ट मीटर हो या पुराना मीटर, दोनों पर योजना समान रूप से लागू होगी। सिस्टम अपने आप बिल की गणना कर छूट दिखा देगा।”
दफ्तर जाने की नहीं होगी जरूरत
तकनीकी व्यवस्था इस तरह की गई है कि उपभोक्ता ऑनलाइन या स्थानीय केंद्र पर सिर्फ पंजीकरण कराएं, बाकी गणना सिस्टम खुद करेगा, छूट स्वतः बिल में दिख जाएगी, किसी काउंटर पर दौड़ लगाने, हिसाब करवाने या आवेदन लेने की जरूरत नहीं, अधिकारियों ने जोर दिया, पहली बार ऐसा होगा कि राहत भी मिलेगी और प्रक्रिया भी आसान होगी।
हम किसी परिवार को अंधेरे में नहीं रहने देंगे
बिजली विभाग ने योजना की भावना बताते हुए कहा, हम जानते हैं कि कई परिवार मजबूरी में बिल जमा नहीं कर पाए। यह योजना उनके लिए नई शुरुआत का मौका है। सरकार की मंशा है कि कोई भी घर सिर्फ पुराने बकाए के कारण अंधकार में न रहे।

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