- योगी राज में पहचान छिपाकर प्रेमजाल बुनने वालों पर बड़ी कार्रवाई, पहले ऐसी हिम्मत कौन करता था!
पीड़िता से मिलने आया तो पुलिस ने दबोचा
नसीम गुरुवार को पीड़िता से मिलने आया था। पुलिस पहले से तैयार थी। मुखबिर की सूचना काम आई और उसे रखौना के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से मोबाइल फोन भी बरामद हुआ, जिसके जरिये वह यह पूरा खेल खेल रहा था। अब पुलिस मोबाइल की तकनीकी जांच कर रही है कि कहीं और कितनी लड़कियों को उसने इसी तरीके से संपर्क करने की कोशिश की।
योगी शासन का सख्त संदेश : पहचान छिपाकर धर्म परिवर्तन की कोशिश नहीं बर्दाश्त
इस मामले में केस दर्ज किया गया है धारा 87/64(2)/82(2)/115(2)/138 बीएनएस तथा उप्र विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध (संशोधित अधिनियम 2024) की धारा 3/5(1) के तहत। ये धाराएं अपने आप में बताती हैं कि सरकार इस अपराध को कितना गंभीर मानती है। योगी शासन में जो अपराध पहले “सामाजिक दबाव” या “सांप्रदायिकता का डर” बताकर दबा दिये जाते थे, अब उन पर बिना झिझक कड़ी कार्रवाई हो रही है। यह संदेश सख्त है, “यूपी में फर्जी पहचान बनाकर किसी लड़की की जिंदगी से खिलवाड़ करने की कोशिश की, तो जेल ही अंतिम ठिकाना होगा।”
कड़ा सबक : अब यूपी में ऐसी हरकतों की कोई गुंजाइश नहीं
यह गिरफ्तारी केवल एक केस का निवारण नहीं, बल्कि एक संदेश है, यूपी की बेटियों के साथ छल, धोखा और धार्मिक जाल बिछाने वाले अब बच नहीं पाएंगे। पहचान छिपाकर फर्जी नाम से रिश्ता बनाना, विश्वास तोड़कर धर्म परिवर्तन की मंशा रखना, यह अपराध अब जितना बड़ा, कार्रवाई उससे कहीं ज्यादा सख्त है। योगी सरकार के कार्यकाल में यह बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, जहां अपराधी भागते नहीं, पकड़े जाते हैं; और लड़कियों की सुरक्षा सिर्फ वादा नहीं, जमीनी हकीकत है।

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