- सदाचार का पालन करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म-कथा वाचक पंडित रविन्द्राचार्य शर्मा
कथा वाचक पंडित श्री तिवारी ने कथा के दौरान कहाकि सदाचार का पालन करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। देव हूत संवाद के बारे में भी प्रवचन दिए। ईश्वर एक है किंतु उसके रूप अनेक हैं। प्रभु घट घट में विराजमान है। भगवान की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता है। उन्होंने कहा कि धर्म की जड़ सदा हरी रहती हैं। शुक्रवार को कथा के दौरान कपिल मुनि और सृष्टि का वर्णन भी विस्तार से किया गया। इसके अलावा अनेक प्रसंग बताए इसमें शिव विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि पर्वतराज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। बेटी के बड़ी होने पर पर्वतराज को उसकी शादी की चिंता सताने लगी। कहा कि माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं।

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