सीहोर : भव्य प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ और भंडारे में उमड़ा आस्था का सैलाब - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 26 नवंबर 2025

सीहोर : भव्य प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ और भंडारे में उमड़ा आस्था का सैलाब

  • सदाचार का पालन करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म-कथा वाचक पंडित रविन्द्राचार्य शर्मा

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सीहोर। शहर के चाणक्यपुरी स्थित मां राज राजेश्वरी माता मंदिर में भगवान शिव परिवार शीतला माता एवं संकट मोचन हनुमान महाराज प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ एवं संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन अंतराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया। इस मौके पर कथा वाचक पंडित रविन्द्राचार्य शर्मा ने सात दिवसीय कथा के दौरान भगवान शिव और पार्वती के अलावा शिव परिवार की महिमा का वर्णन किया। वहीं बुधवार को दोपहर में पूर्णाहुति के पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया। क्षेत्र के  प्रवीण तिवारी, संजय तिवारी, हरीश जोशी, बलराज सिसोदिया, सुनील शर्मा, बलराज सिंह, शैलेन्द्र सिंह, आनंद तिवारी, उमेश परमार, संजय राठौर, अतुल तिवारी, अगंद शर्मा,, महेश नाथ, दीपक पुरोहित, दीपक शर्मा, धर्मेन्द्र धनगर, चिन्तेश दुबे, उमेश परमार, शुभम राठौर और जितेन्द्र नागर आदि शामिल थे।


कथा वाचक पंडित श्री तिवारी ने कथा के दौरान कहाकि सदाचार का पालन करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। देव हूत संवाद के बारे में भी प्रवचन दिए। ईश्वर एक है किंतु उसके रूप अनेक हैं। प्रभु घट घट में विराजमान है। भगवान की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता है। उन्होंने कहा कि धर्म की जड़ सदा हरी रहती हैं। शुक्रवार को कथा के दौरान कपिल मुनि और सृष्टि का वर्णन भी विस्तार से किया गया। इसके अलावा अनेक प्रसंग बताए इसमें शिव विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि पर्वतराज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। बेटी के बड़ी होने पर पर्वतराज को उसकी शादी की चिंता सताने लगी। कहा कि माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं।

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