सीहोर : अखिल भारतीय राष्ट्रीय संस्कृत अधिवेशन कोयम्बटूर में सम्पन्न - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 12 नवंबर 2025

सीहोर : अखिल भारतीय राष्ट्रीय संस्कृत अधिवेशन कोयम्बटूर में सम्पन्न

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले व अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सुरेश सोनी का मार्गदर्शक व्याख्यान
  • संस्कृत भाषा के संरक्षण व संवर्धन एवं शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में शिक्षण पर संवाद हुआ,अधिवेशन में  सीहोर जिले के दायित्वान कार्यकर्ताओं ने सम्मिलित होकर किया प्रतिनिधित्व

Sanskrit-adhivrshan
सीहोर, संस्कृत भारती के द्वारा तीन दिवसीय अखिल भारतीय राष्ट्रीय संस्कृत अधिवेशन का आयोजन अमृता विश्वविद्यालय कोयंबटूर तमिलनाडु में  सम्पन्न हुआ। जिसमें भारत सहित 27 देशों के विकासखंड स्तरीय प्रतिनिधियों ने सहभागिता की , उक्त आशय की जानकारी देते हुए संस्कृत भारती जिलामंत्री राकेश सिंह  ने बताया कि  यह अधिवेशन प्रत्येक तीन वर्ष में आयोजित होता है , इस बार यह आयोजन  तमिलनाडु राज्य के अमृता विश्वविद्यालय कोयंबटूर  में 7 नवम्बर से 9 नवंबर के बीच सम्पन्न हुआ।  जिला सहमंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह यादव ने  बताया कि  सीहोर  जिले से जिला समिति व विकासखंड से संयोजक व सहसंयोजकों ने सहभागिता की , अधिवेशन समापन उपरांत 11 नवम्बर को सभी  की सीहोर वापसी हुई. जिला प्रचार प्रमुख  जितेन्द्र राठौर ने बताया कि अधिवेशन में  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा  संस्कृत भाषा जन  भाषा थी , संस्कृत भारती द्वारा पुनः बोलचाल की भाषा बनाने के प्रयास की जितनी प्रशंसा की जाये उतनी कम है . बहुत कम समय में संस्कृत भारती ने पूरे देश में संस्कृत मय वातावरण निर्मित कर   दिया है ,  दत्तात्रेय होसबोले ने " वदतु संस्कृतम्  "की व्याख्या करते हुए कहा कि संस्कृत राष्ट्र भाषा है और इसे राज्य भाषा भी होना चाहिए. श्री होसबोले ने  संविधान सभा में डां भीमराव रामजी अंबेडकर ने एकता के लिए संस्कृत को राष्ट्र भाषा बनाने  के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया , जो कुछ कारणों से सफल नहीं हो पाया . श्री होसबोले ने बोली और भाषा के स्पष्ट भेद पर जोर दिया,  उन्होनें बताया कि संस्कृत भारती इस  उद्देश्य के लिए अथक प्रयास कर रही है .अधिवेशन में तीन पीढ़ियों के कार्यकर्ता  एक साथ उपस्थित हैं ,जो संस्कृत के प्रति समर्पण को दर्शाता है , उन्होनें यह भी कहा कि संस्कृत ही एकमात्र ऐसी भाषा है जो विश्व शांति  में मुख्य भूमिका निभा सकती है . इसलिए सभी को संस्कृत भाषा का व्यवहार करना और करवाना चाहिए. वहीं व्याख्यान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय सदस्य सुरेश सोनी ने संस्कृत भाषा कुटुम्ब व राष्ट्र उत्थान में  भाव जागरण पर मार्गदर्शन किया। तीन दिन  विभिन्न विषयों पर नो सत्र आयोजित हुए , जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में  संस्कृत भाषा  की उपयोगिता पर संवाद हुए . वहीं संस्कृत भाषा के संरक्षण व संवर्धन पर मंथन हुआ. इस अवसर पर  सीहोर से संस्कृत भारती प्रांत अध्यक्ष डां अशोक सिंह भदौरिया , जिला मंत्री राकेश सिंह,  जिला सहमंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह यादव,  संपर्क प्रमुख लखनलाल महेश्वरी,  प्रचार प्रमुख जितेन्द्र राठौर,  शिक्षण प्रमुख डां धर्मेन्द्र शर्मा,  कोष प्रमुख जितेन्द्र कुमार सिंह,  गीता शिक्षण प्रमुख विष्णुप्रसाद परमार,  श्लोक पाठन केन्द्र प्रमुख श्रीमती कृष्णा सोलंकी , बाल केन्द्र प्रमुख श्री मती बसंती यादव , पत्राचार प्रमुख राकेश केलोदिया, महाविद्यालय प्रमुख अंशज ठाकुर,   विकासखंड संयोजक इछावर नंदराम वर्मा,  सहसंयोजक भगवत सिंह परमार,  विकासखंड संयोजक बुधनी शैलेन्द्रसिंह राजपूत,  सहसंयोजक हरनंदन धौलिया, नितेश जायसवाल,  अजेन्द्र यादव , जितेन्द्र सोलंकी सहित संस्कृत परिवार  भी सम्मिलित हुए.

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