- शिक्षक ने स्कूल छोड़ चुनाव कार्यालय को बना लिया स्थायी ठिकाना
DEO ने लिखा पत्र, लेकिन चुनाव कार्यालय से रिलीव आदेश आज तक नहीं
विद्यालय की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एसएस तोमर ने एसडीएम तन्मय वर्मा को शिक्षक कुंजीलाल को निर्वाचन कार्य से मुक्त कर तुरंत स्कूल में पदस्थ करने के लिए पत्र लिखा। लेकिन इस पत्र को दो महीने से ज्यादा समय गुजर चुका है और अभी तक न तो रिलीव आदेश हुआ और न ही शिक्षक स्कूल लौटे। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई के कागज दफ्तरों में धूल खा रहे हैं, जबकि गांव के बच्चे हर दिन शिक्षा के अधिकार से वंचित हो रहे हैं।
शिक्षक का कहना मुझे निर्वाचन से कोई नहीं हटा सकता
शिक्षक कुंजीलाल का दावा है कि उन्हें निर्वाचन कार्य से कोई नहीं हटा सकता, इसी कारण प्रशासन भी मौन दिखाई दे रहा है। निर्वाचन ड्यूटी में भी उन पर लापरवाही के आरोप हैं और नोटिस तक जारी हो चुका है, लेकिन कार्रवाई का नतीजा आज तक शून्य है। गांव में चर्चा है कि क्या एक व्यक्ति की पकड़ बच्चों की शिक्षा पर भारी पड़ गई? क्या मासूम बच्चों के भविष्य की कीमत पर एक शिक्षक की मनमानी चलती रहेगी? गांव की यही चुप पीड़ा आज पूरे जिले में चर्चा का दर्द बन चुकी है।
लापरवाही पर कार्य करने पर जारी हो चुका नोटिस
सीहोर तहसील के अनुभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा निर्वाचन सुपरवाइजर कुंजीलाल को निर्वाचन कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने पर हाल ही में नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार वे समय पर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होते और लगातार मनमानी करते पाए गए हैं। इस व्यवहार को देखते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षक कुंजीलाल की वजह से भैरुंदा का तलैया स्कूल शिक्षक विहीन है। बच्चों की पढ़ाई पर ताला लगा है और शिक्षक महोदय को निर्वाचन की कुर्सी से फुर्सत नहीं हैं।

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