नोएडा : द मंथन स्कूल ने मनाया उत्कृष्टता और नवाचार के 10 गौरवशाली वर्ष - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 3 नवंबर 2025

नोएडा : द मंथन स्कूल ने मनाया उत्कृष्टता और नवाचार के 10 गौरवशाली वर्ष

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नोएडा , 3 नवम्बर, जहाँ सपने हकीकत से मिलते हैं, द मंथन स्कूल ने अपने स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने का भव्य समारोह बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया। यह अवसर विद्यालय की एक दशक लंबी यात्रा का प्रतीक था — एक ऐसी यात्रा जो समर्पण, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के संकल्प से प्रेरित रही है। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई राजदूत डॉ. दीपक वोहरा के प्रवक्ता ने, जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के निदेशक, प्राचार्य, संस्थापक हेड मिस्ट्रेस तथा संस्थापक सलाहकार समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे। यह समारोह द मंथन स्कूल की निदेशक श्रीमती दिव्या जैन के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित किया गया। उनके साथ मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) श्रीमती पूजा खुराना और प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम कुमार मेंदिरत्ता ने विद्यालय को निरंतर प्रगति और नवाचार की दिशा में अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण था “मंथन स्किल सेंटर” का उद्घाटन — एक नई पहल जो वयस्कों को अपने सपनों को साकार करने के लिए नए कौशल सीखने का अवसर प्रदान करती है। यह पहल विद्यालय की आजीवन शिक्षा की सोच और सामाजिक विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्य अतिथि डॉ. वोहरा ने अपने संबोधन में विद्यालय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि मंथन स्कूल न केवल शिक्षार्थियों का निर्माण कर रहा है, बल्कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार भी तैयार कर रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई बाँसुरी वादन से, जिसके बाद प्रस्तुत किया गया नृत्य नाट्य “बिकमिंग कल्कि”, जिसमें यह संदेश दिया गया कि कल्कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर विद्यमान है और जब हम अपने भीतर की सकारात्मक शक्ति को जगाते हैं, तभी पृथ्वी को सुंदर बनाया जा सकता है। कार्यक्रम की एक विशेष झलक थी संकेत भाषा में प्रस्तुत राष्ट्रगान, जिसने विद्यालय की समावेशिता और सहानुभूति की विचारधारा को प्रभावशाली रूप से दर्शाया। अंत में विद्यालय के शिक्षकों, स्टाफ और संस्थापक सदस्यों को उनके निरंतर योगदान और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। द मंथन स्कूल का यह 10वाँ वार्षिकोत्सव न केवल उसकी अब तक की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि आने वाले वर्षों में शिक्षा, नवाचार और मानवता के नए आयाम स्थापित करने का संकल्प भी।

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