- 15 दिन का विशेष अभियान, नियम तोड़ने वाले पुलिसकर्मी सीधे विभागीय कार्रवाई के दायरे में, सायरन-स्पीड-वन-वे उल्लंघनन पर जीरो टॉलरेंस
कार्यशाला में दिए गए प्रमुख निर्देश
1.यातायात नियमों का कड़ाई से पालन : सड़क सुरक्षा नियम केवल आम जनता के लिए नहीं, पुलिसकर्मियों के लिए भी उतने ही अनिवार्य हैं। पुलिस को ट्रैफिक अनुशासन का आदर्श बनकर जनता को प्रेरित करना होगा।
2. ट्रैफिक सिग्नल का पालन अनिवार्य : लाल बत्ती तोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित, “एक सेकंड रुकना दुर्घटना रोक सकता है।” एम्बुलेंस, फायर सर्विस व आवश्यक सेवाओं को पूर्ण प्राथमिकता देने का निर्देश।
3. वन-वे नियम का सख्ती से पालन : गलत दिशा में पुलिस वाहन ले जाना सीधे पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाता है। किसी भी परिस्थिति में पुलिस वाहन वन-वे का उल्लंघन न करें।
4. अनावश्यक हॉर्न/सायरन से परहेज : हॉर्न सिर्फ जरूरत पड़ने पर; सायरन केवल आपातकालीन हालात में, “सायरन सम्मान का नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक है।”
5. ओवर स्पीडिंग से बचें : तेज़ गति दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण; स्पीड थ्रीर्ल्स बट कील्स, का संदेश दोहराया गया।
6. शराब पीकर वाहन न चलाएं : नशे की स्थिति को खतरनाक और दंडनीय बताते हुए शून्य सहनशीलता का निर्देश।
7. हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग : यह जीवन रक्षा कवच हैंकृछोटी चूक बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।
8. निर्धारित पार्किंग स्थल का ही उपयोग : गलत पार्किंग जाम और विवाद की सबसे बड़ी वजह, इसे पूरी तरह बंद करने का निर्देश।
9. सही नंबर प्लेट (एचएसआरपी) का उपयोग, फैंसी, मोड़दार, छोटे या डिज़ाइनर नंबर प्लेट पर पूर्ण रोक। सभी पुलिस वाहनों में एचएसआरपी का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करने का आदेश।
15 दिनों का विशेष अभियान शुरू
पुलिस आयुक्त ने घोषणा की कि अगले 15 दिनों तक पुलिसकर्मियों द्वारा नियमों के उल्लंघन पर विशेष अभियान चलेगा। कार्रवाई में शामिल होंगी, बिना नंबर प्लेट पुलिस वाहन, बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले पुलिसकर्मी, ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, लालबत्ती कूदना आदि, उल्लंघन करने वालों पर न केवल डट एक्ट के तहत चालान होगा, बल्कि इसे अनुशासनहीनता मानते हुए विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। कार्यशाला में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की, जिनमें शामिल रहे अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त यातायात अनिल कुमार यादव, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा सहित अन्य पुलिस अधिकारी व दोपहिया/चारपहिया पुलिस चालक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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