- इस दिन ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म ‘स्टेज’ पर होगा रिलीज
इस दौरान ‘स्टेज’ की प्रतिनिधि स्नेहा सिंह ने बताया कि यह प्लेटफ़ॉर्म सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और भाषा की आवाज़ है। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि वे कहानियाँ जो अब तक सुनी नहीं गईं, उन्हें दुनिया तक पहुँचाया जाए। ‘बकलोल्स’ उसी सोच का हिस्सा है — जो हंसी के साथ समाज की गहराई को भी छूती है।” वहीं, लेखक सत्य व्यास ने कहा कि यह कहानी गाँव-शहर के उस आम इंसान की है जो सपने देखता है, संघर्ष करता है और हँसते हुए जीवन को जीता है। कार्यक्रम के दौरान फिल्म का टीज़र दिखाए जाने पर दर्शकों ने इसकी हास्य प्रस्तुति, संवाद और स्थानीयता की प्रामाणिकता की जमकर तारीफ की। फिल्म की टीम ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि पूर्वांचल की बोली, भावनाओं और जीवनशैली को दर्शाना है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म पूर्वी भारत के युवाओं के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनेगी। ‘स्टेज’ ओटीटी की ओर से ये घोषणा की गयी कि ‘बकलोल्स’ दिसंबर 2025 में विशेष रूप से उनके प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ की जाएगी। यह फिल्म न केवल दर्शकों को हँसी से लोटपोट करेगी, बल्कि यह भी साबित करेगी कि स्थानीय कहानियों में भी वैश्विक अपील छिपी होती है। ‘स्टेज’ ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि भारत का क्षेत्रीय कंटेंट अब सीमाओं से परे जाकर लोगों के दिलों में जगह बनाने को तैयार है।

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