वाराणसी : काशी में सजेगा वॉलीबॉल चैंपियनशिप का महाकुंभ, देशभर के दिग्गज करेंगे सर्विस - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 2 दिसंबर 2025

वाराणसी : काशी में सजेगा वॉलीबॉल चैंपियनशिप का महाकुंभ, देशभर के दिग्गज करेंगे सर्विस

  • 4 से 11 जनवरी तक इनडोर स्टेडियम बनेगा देश का सबसे बड़ा वॉलीबॉल अखाड़ा
  • 40 साल बाद यूपी को मिली मेजबानी, जुटेंगे 1500 खिलाड़ी, 50 इंटरनेशनल स्टार

Wollyball-in-varanasi
वाराणसी (सुरेश गांधी). सिगरा स्थित इनडोर स्टेडियम मंगलवार को उत्साह की ध्वनि से गूंज उठा, जब उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह ऐतिहासिक जानकारी दी कि 1985 के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में 4 से 11 जनवरी तक सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है, और उसकी मेजबानी मिली है काशी को। यह सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि वाराणसी की खेल पहचान को राष्ट्रीय पटल पर दर्ज करने वाला ‘टर्निंग प्वॉइंट’ है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी खेल नीति का प्रतिफल है। बनारस को जो अत्याधुनिक इनडोर स्टेडियम मिला है, वही अब इस राष्ट्रीय महोत्सव का केंद्र बनेगा। पाठक ने बताया कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ी-संख्या की दृष्टि से न सिर्फ देश की सबसे बड़ी वॉलीबॉल चैंपियनशिप के रूप में दर्ज की जाएगी, बल्कि इस महाकुंभ की मेजबानी भी करेगा। देशभर से आने वाले 1500 खिलाड़ी, जिनमें 150 अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज, पुरुष व महिला दोनों वर्गों में अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए स्टेडियम के पास ही आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जबकि महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष हॉस्टल सुविधा स्टेडियम परिसर में ही उपलब्ध कराई गई है। 


पाठक ने बताया कि वॉलीबॉल “भारत का गांव-घर का खेल” है और इस राष्ट्रीय आयोजन से इसकी लोकप्रियता को नई ऊर्जा मिलेगी। चैंपियनशिप में किए गए प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 8 टीमों को फेडरेशन कप में जगह मिलेगी। साथ ही, यह प्रदर्शन राष्ट्रीय चयन के लिए भी निर्णायक होगा। उपमुख्यमंत्री ने काशीवासियों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में मैच देखने पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं। उन्होंने कहा, “किसी भी आयोजन की सफलता, खिलाड़ियों और समितियों के साथ-साथ, दर्शकों की भागीदारी से तय होती है।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपरांत उपमुख्यमंत्री ने आयोजन समिति के साथ समीक्षा बैठक की और निर्देश दिए कि सभी उप-समितियाँ तेज़ी व प्रभावी ढंग से कार्य करें, ताकि चैंपियनशिप देशभर में एक मिसाल बन सके। इसके बाद उन्होंने महापौर व आयोजन समिति के अध्यक्ष अशोक तिवारी के साथ स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम का संचालन वाराणसी वॉलीबॉल एसोसिएशन के सचिव सर्वेश पांडेय ने किया। इसके बाद आयोजन समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें 4 से 11 जनवरी की इस ऐतिहासिक चैंपियनशिप को भव्य, सुरक्षित और यादगार बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

कोई टिप्पणी नहीं: