- 4 से 11 जनवरी तक इनडोर स्टेडियम बनेगा देश का सबसे बड़ा वॉलीबॉल अखाड़ा
- 40 साल बाद यूपी को मिली मेजबानी, जुटेंगे 1500 खिलाड़ी, 50 इंटरनेशनल स्टार
पाठक ने बताया कि वॉलीबॉल “भारत का गांव-घर का खेल” है और इस राष्ट्रीय आयोजन से इसकी लोकप्रियता को नई ऊर्जा मिलेगी। चैंपियनशिप में किए गए प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 8 टीमों को फेडरेशन कप में जगह मिलेगी। साथ ही, यह प्रदर्शन राष्ट्रीय चयन के लिए भी निर्णायक होगा। उपमुख्यमंत्री ने काशीवासियों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में मैच देखने पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं। उन्होंने कहा, “किसी भी आयोजन की सफलता, खिलाड़ियों और समितियों के साथ-साथ, दर्शकों की भागीदारी से तय होती है।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपरांत उपमुख्यमंत्री ने आयोजन समिति के साथ समीक्षा बैठक की और निर्देश दिए कि सभी उप-समितियाँ तेज़ी व प्रभावी ढंग से कार्य करें, ताकि चैंपियनशिप देशभर में एक मिसाल बन सके। इसके बाद उन्होंने महापौर व आयोजन समिति के अध्यक्ष अशोक तिवारी के साथ स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम का संचालन वाराणसी वॉलीबॉल एसोसिएशन के सचिव सर्वेश पांडेय ने किया। इसके बाद आयोजन समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें 4 से 11 जनवरी की इस ऐतिहासिक चैंपियनशिप को भव्य, सुरक्षित और यादगार बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

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