जेसीआरए द्वारा रेटिंग देने के पीछे बताए गए प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:
एपीएसईजेड
जेसीआरए ने एपीएसईजेड की क्रेडिट मजबूती को उसके ग्रुप की सहायक कंपनियों के बराबर बताया है। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता, लगातार मजबूत लाभप्रदता, लंबे समय तक स्थिर नकदी प्रवाह और संतुलित वित्तीय प्रबंधन के कारण कंपनी को भारत की विदेशी मुद्रा संप्रभु रेटिंग से बेहतर स्तर पर रखा गया है, हालाँकि यह देश की सीमा से जुड़ी हुई है। 15 घरेलू और 4 इंटरनेशनल पोर्ट के विविध पोर्टफोलियो के जरिए एपीएसईजेड लगभग 30% देश का कार्गो और 50% कंटेनर वॉल्यूम संभाल रही है। पोर्ट, एसईजेड, लॉजिस्टिक्स और मरीन सेवाओं को जोड़ने वाला इसका चार-खंडीय इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म इसकी नेतृत्व स्थिति को और मजबूत करता है। मजबूत माँग और एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स मॉडल के चलते एपीएसईजेड का एबिट्डा वित्त वर्ष 20 में 7,566 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 19,025 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में 11,046 करोड़ रुपए पहुँच गया। इसके साथ ही कंपनी ने 1.8 गुना नेट डेट-टू-एबिट्डा, लंबी अवधि की फंडिंग और मजबूत लिक्विडिटी बनाए रखी।
एईएसएल
एईएसएल ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, स्मार्ट मीटरिंग और कूलिंग सॉल्यूशंस में तेजी से विस्तार के जरिए देश की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत कर रही है। स्थिर और नियामक नकदी प्रवाह तथा मजबूत गवर्नेंस इसके समेकित क्रेडिट प्रोफाइल को सहारा देते हैं। 26,705 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन, 97,236 एमवीए की क्षमता, पुरस्कारों से सम्मानित भरोसेमंद वितरण व्यवस्था और 73.7 लाख स्मार्ट मीटर के तेजी से बढ़ते नेटवर्क के साथ एईएसएल सेक्टर से कहीं बेहतर बढ़त दर्शा रही है और कार्यकुशलता, ग्राहक सेवा व संचालन में नए मानक तय कर रही है। वित्त वर्ष 20 में एईएसएल का एबिट्डा 4,532 करोड़ रुपए था, जो वित्त वर्ष 25 में बढ़कर 7,747 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी ने 1 अरब अमेरिकी डॉलर की इक्विटी भी जुटाई है। मजबूत नकदी स्थिति और लंबी अवधि की फंडिंग के दम पर एईएसएल देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है और साथ ही वित्तीय अनुशासन भी बनाए हुए है।
एजीईएल
एजीईएल मजबूत गवर्नेंस, उच्च गुणवत्ता वाले दीर्घकालिक पीपीए और मजबूत संचालन क्षमता के साथ भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादक कंपनी के रूप में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रही है। इससे स्थिर नकदी प्रवाह और मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल सुनिश्चित होता है, जो ग्रुप की अन्य कंपनियों के अनुरूप है। सितंबर 2025 तक 16.7 गीगावाट से अधिक की परिचालन क्षमता और 90% से ज्यादा एबिट्डा रिन्यूएबल एनर्जी से आने के साथ, एजीईएल ने वित्त वर्ष 20 की 2.5 गीगावाट क्षमता से तेजी से विस्तार किया है। इसमें बेहतर विकास क्षमता, उच्च प्लांट लोड फैक्टर, लागत दक्षता और उन्नत संचालन की अहम् भूमिका रही है। एबिट्डा का वित्त वर्ष 20 में 1,855 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 10,532 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 6,324 करोड़ रुपए होना, बेहतर इक्विटी स्तर, वैश्विक फंडिंग तक पहुँच और औसतन 9.4 साल की लंबे समय तक ऋण अवधि, एजीईएल को वित्तीय स्थिरता बनाए रखते हुए अपने बड़े विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाती है।

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