- IIT पटना–DCE सहयोग की ऐतिहासिक शुरुआत
हैकाथॉन में कुल 12 टीमों ने भाग लिया, जिनमें से 2 टीमों का चयन अगले चरण के लिए किया गया। चयनित टीमों में Drone Man टीम (रवि रौशन एवं मयंक) शामिल रही, जो भारतीय सेना के लिए ड्रोन आधारित सेवाओं पर कार्य कर रही है। वहीं दूसरी चयनित टीम EcoBoard (नितीश कुमार, आलोक कुमार, दीपक कुमार एवं विकास कुमार) है, जो अपशिष्ट सामग्री से पर्यावरण-अनुकूल बोर्ड विकसित करने पर काम कर रही है। हैकाथॉन का मूल्यांकन सौरव कुमार पांडेय, एसोसिएट प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग, IIT पटना,तथा मयंक कुमार सिंह, सहायक प्रोफेसर, DCE दरभंगा द्वारा निर्णायक के रूप में किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत DCE के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष सत्र का आयोजन भी किया गया। यह सत्र डॉ. राहुल मिश्रा, सहायक प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, IIT पटना, द्वारा लिया गया। सत्र में छात्रों को Agentic AI के व्यावहारिक उपयोग, स्टार्टअप संभावनाओं, इंडस्ट्री अनुप्रयोगों एवं भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं की जानकारी दी गई, जिसे छात्रों ने अत्यंत लाभकारी बताया। अंतिम रूप से चयनित छात्र टीमों को दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्री-इनक्यूबेशन हेतु ₹2 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने स्टार्टअप विचारों को प्रोटोटाइप से व्यावसायिक स्तर तक विकसित कर सकें। अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. चंदन कुमार ने कहा कि यह सहयोग DCE के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप अवसर प्रदान करेगा। मुख्य अतिथि डॉ. सौरव कुमार पांडेय ने छात्रों को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। Vision-2 Venture Hackathon के माध्यम से IIT पटना–DCE संयुक्त नवाचार गतिविधियों, मेंटरशिप कार्यक्रमों एवं स्टार्टअप एक्सेलेरेशन की नई शुरुआत हुई है।

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