मधुबनी : दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेला का विधिवत शुभारंभ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 5 जनवरी 2026

मधुबनी : दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेला का विधिवत शुभारंभ

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मधुबनी (रजनीश के झा)। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेला का किया विधिवत शुभारंभ। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से SMAM (Sub Mission on Agricultural Mechanization) योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु आयोजित दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेला का जिलाधिकारी आनंद शर्मा द्वारा संयुक्त कृषि भवन, जिला कृषि कार्यालय, महिनाथपुर, रामपट्टी, मधुबनी के परिसर में विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर आयोजित कृषि यांत्रिकरण मेले में जिले के किसानों द्वारा तरह-तरह के फल, फूल एवं सब्जियों के आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं। साथ ही कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत कृषि यंत्र आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों द्वारा आधुनिक एवं उन्नत कृषि यंत्रों की भव्य प्रदर्शनी भी लगाई गई है। मेले में भाग लेकर किसान विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं अनुदान संबंधी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, जिससे वे नवाचार को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन तथा अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि आज के समय में वैज्ञानिक कृषि एवं कृषि यंत्रीकरण किसानों के लिए अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से न केवल श्रम और समय की बचत होती है, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता एवं मात्रा में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहित कर रही है और इस प्रकार के मेलों के माध्यम से किसानों को नवीन तकनीकों से सीधे जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने जिले के किसानों से अपील की कि वे परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीक, यंत्रीकरण एवं वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं, जिससे खेती लाभ का व्यवसाय बन सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में प्रतिबद्ध है और इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।


कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने भी कृषि यंत्रीकरण के महत्व, सरकारी योजनाओं, अनुदान की प्रक्रिया तथा उन्नत कृषि तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताते चले कि जिला पदाधिकारी द्वारा आज के दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाते हुए गरमा का आच्छादन विशेषकर मुंग का आच्छादन 1 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने हेतु प्रति ग्राम एक प्रगतिशील कृषक का चयन करने के लिए सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया । जिला पदाधिकारी द्वारा जिला में एक चैंपियन किसान जो कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हों का चयन कर जिला एवं राज्य स्तर पर उन्हें प्रशिक्षित करते हुए विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं से आच्छादित करने हेतु जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देशित किया गया  एवं पूरे जिला के प्रत्येक ग्राम से एक चैंपियन किसान के तर्ज पर इकोसिस्टम बनाने हेतु कृषि विभाग के सभी कर्मियों को उत्कृष्ट कार्य करने हेतु निर्देशित किया ।मेला में लगे विभिन्न स्टॉल्स का भ्रमण के क्रम में मधुमक्खी पालक किसान को FPO बनाने एवं ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग सुधार करने हेतु जिला उद्यान पदाधिकारी को सहयोग करने हेतु निर्देश दिए। आत्मा द्वारा स्थापित 02 FPO के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें और उत्कृष्ट कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किए । जिला पदाधिकारी किसानों को खेतों में पाली नजला कर फसल अवशेष परिवर्तन वाली यंत्रों का उपयोग करने हेतु प्रेरित किए। फसल अवशेष प्रबंधन के संबंध में जागरुकता फैलाने हेतु सभी कृषि पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित करते हुए फसल अवशेष जलने वाले कृषक की सूचना तुरंत अनुमंडल पदाधिकारी को देने हेतु निर्देशित किया गया । उप निदेशक कृषि अभियंत्रण द्वारा मेला का उद्देश्य, मेला में कृषकों द्वारा यंत्र उठाव, यंत्रों के रख रखाव एवं कृषि यंत्रों के उपयोग पर रीको को बताएगा । इस अवसर पर कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक,जिला कृषि पदाधिकारी ,जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित कई वरीय पदाधिकारी, कृषिवैज्ञानिक, कृषि यंत्र आपूर्तिकर्ता, बड़ी संख्या में किसान एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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