मुंबई : ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ की कलाकार अपरा मेहता का विश्वास: टीवी की पकड़ आज भी मजबूत - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 8 जनवरी 2026

मुंबई : ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ की कलाकार अपरा मेहता का विश्वास: टीवी की पकड़ आज भी मजबूत

Apra-mehta
मुंबई, 8 जनवरी (रजनीश के झा): टेलीविज़न सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह लोगों की सोच बदलने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की ताकत रखता है। लंबे समय से टीवी इंडस्ट्री का हिस्सा रहीं वरिष्ठ अभिनेत्री अपरा मेहता इस बात को भली-भाँति समझती हैं। वे इन दिनों सन नियो के शो ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में राजश्री की भूमिका निभा रही हैं। अभिनेत्री बताती हैं कि आज के दौर में भी टेलीविज़न किस तरह एक प्रभावशाली और सशक्त माध्यम बना हुआ है। अपने विचार साझा करते हुए अपरा मेहता कहती हैं, “मैंने खुद टेलीविज़न को इन सालों में बदलते हुए देखा है और मुझे गर्व है कि मैं इस सफर का हिस्सा रही हूँ। जो भी शो अच्छा और सकारात्मक संदेश देता है, वह हमेशा दर्शकों को अपनी कहानी से जोड़ता है। टीवी पहले जैसा जरूर नहीं रहा, लेकिन यह खत्म होने वाला नहीं है। टीवी की पहुँच बहुत व्यापक है और इसके दर्शक आज भी बड़ी संख्या में हैं। यही वजह है कि टीवी आज भी बदलाव लाने और सही संदेश लोगों तक पहुँचाने का एक मजबूत माध्यम बना हुआ है।”


भारतीय टेलीविज़न की वैश्विक पहुँच पर बात करते हुए वे आगे कहती हैं, “मैं अपने ड्रामा के लिए दुनिया भर की सैर करती हूँ और मैंने देखा है कि विदेशों में रहने वाले लोग भारतीय टीवी से आज भी कितनी गहराई से जुड़े हैं। हो सकता है कि वे फिल्में नियमित रूप से न देखते हों, लेकिन टीवी जरूर देखते हैं। इसलिए हमारे लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि हम आज की सच्चाई को अपनी कहानी के जरिए दिखाएँ, न कि पुरानी सोच को। जैसा कि सन नियो के मेरे मौजूदा शो ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में मेरा किरदार मानता है कि लड़कियों को पढ़ने की जरूरत नहीं है। लेकिन, कहानी और मुख्य किरदारों के जरिए शो यह मजबूत संदेश देता है कि लड़कियों की शिक्षा बहुत जरूरी है। आज भी कई जगहों पर लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता, ऐसे में यह संदेश लोगों तक पहुँचाना बहुत जरूरी है।” 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' शो राजस्थान की एक गाँव की लड़की घेवर की कहानी है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है, जब उसके परिवार में एक नवजात बच्चा आता है, जो दो अलग-अलग जिंदगियों को एक साथ जोड़ता है। प्यार, त्याग और छिपे हुए सच के बीच घेवर अपने हौसले और हिम्मत से अपनी सबसे कीमती चीज की रक्षा करती है। देखिए 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' शो हर रोज रात 9 बजे, सिर्फ सन नियो पर।

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