- गरीब, किसान, महिला और युवा केंद्र में, मनरेगा की खामियां दूर कर ‘विकसित गांव’ की नींव रख रही है एनडीए सरकार
मनरेगा की विफलताओं पर तीखा प्रहार
पंकज चौधरी ने कहा कि मनरेगा योजना में संरचनात्मक और क्रियान्वयन से जुड़ी गंभीर खामियां थीं। गुणवत्ता बेहद खराब रही, अस्थायी सड़कें बनीं, जल संरचनाएं अधूरी रहीं और सरकारी धन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ। एक ही काम को बार-बार दिखाकर भुगतान लेने की प्रवृत्ति रही, लेकिन वास्तविक एसेट जमीन पर नहीं दिखे। अनियमितताओं के चलते कई राज्यों का बजट रोकना पड़ा। उन्होंने कहा कि कृषि के पीक सीजन में मजदूरों की कमी जैसी समस्याओं पर पहले कभी गंभीरता से काम नहीं हुआ।
वीबी-जी रामजी अधिनियम से व्यवस्था में बदलाव
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एनडीए सरकार ने इन सभी खामियों को दूर करने के लिए “विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025” लागू किया है। इस कानून में जवाबदेही तय की गई है। मौसम और खेती के समय को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों तक कार्य रोकने, या 20-20 दिनों के चरणों में काम कराने की स्पष्ट व्यवस्था की गई है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए टेक्नोलॉजी-सेंट्रिक अप्रोच अपनाई गई है। जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजिंग, रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए मोबाइल ऐप, एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान तंत्र और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे प्रावधान किए गए हैं। सीएम गति शक्ति के तहत योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि सड़क, नाला और जल निकासी जैसे कार्य अलग-अलग न हों।
चार प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस
उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत चार प्रमुख श्रेणियों जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा निर्माण, आजीविका से जुड़े कार्य और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है। सभी योजनाएं ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर ही स्वीकृत होंगी।
भुगतान में देरी पर सख्ती
पंकज चौधरी ने कहा कि मजदूरी भुगतान में देरी पर अब सख्त प्रावधान हैं। सात दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य है। 15 दिनों से अधिक देरी होने पर ब्याज देना होगा। काम न मिलने की स्थिति में 125 दिनों तक रोजगार भत्ता देने की व्यवस्था भी कानून में सुनिश्चित की गई है।
खर्च का आंकड़ा भी गिनाया
उन्होंने बताया कि 2006 से 2014 तक यूपीए सरकार ने मनरेगा पर करीब 2 लाख 12 हजार 949 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि 2014 के बाद एनडीए सरकार ने 8 लाख 48 हजार 140 करोड़ रुपये यानी चार गुना अधिक राशि खर्च कर योजनाओं को मजबूत और प्रभावी बनाया।
वोटर लिस्ट पर भाजपा की रणनीति
वोटर सूची पुनरीक्षण (एसआईआरत्) पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह चुनाव आयोग की प्रक्रिया है। ड्राफ्ट सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को दूर करने के लिए भाजपा कार्यकर्ता बूथ स्तर तक जाकर जांच करेंगे, ताकि किसी भी योग्य मतदाता का नाम न छूटे। उन्होंने कहा कि भाजपा सर्व समाज की पार्टी है, जातीय राजनीति से ऊपर उठकर विकास के एजेंडे पर काम करती है। भाजपा का कार्यकर्ता हर चुनाव में पूरी प्रतिबद्धता के साथ मैदान में उतरता है, इसी वजह से पार्टी को लगातार जनता का विश्वास मिल रहा है। पत्रकार वार्ता में क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, सांसद एवं काशी क्षेत्र प्रभारी अमरपाल मौर्य, प्रदेश महामंत्री संजय राय, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, जिलाध्यक्ष एवं एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी एवं सह प्रभारी संतोष सोलापुरकर सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

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