- शिव महापुराण के माध्यम से नारी शक्ति महिला मंडल की पहल-1001 से अधिक पौधों का वितरण
भगवान के उपदेशों को चरित्र में उतारने से जीवन सार्थक हो जाता
कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने कहाकि भगवान के उपदेशों को चरित्र में उतारने से जीवन सार्थक हो जाता है। जीवन में हर पल व्यक्ति को सहारे की आवश्यकता पड़ती है। वह ईश्वर को उस वक्त याद करता है, जब उसके करीबी साथ छोड़ जाते हैं। जीवन को सार्थक बनाने के लिए हमें धर्म के पथ पर आगे बढ़कर सद्भाव से असहाय लोगों की मदद करनी चाहिए।
भगवान गणेश और कार्तिकेय के जन्म प्रसंग
कथा के चौथे दिवस पंडित राघव मिश्रा ने भगवान गणेश और कार्तिकेय के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने अपने उबटन से गणेश जी की रचना कर द्वारपाल बनाया, किंतु भगवान शिव ने उनका मस्तक काट दिया। देवताओं के परामर्श से हाथी का मस्तक लगाकर उन्हें पुनर्जीवन मिला और इसी कारण गणेश जी को प्रथम पूज्य होने का वरदान मिला। भगवान कार्तिकेय के जन्म और पालन-पोषण का वर्णन भी किया। उन्होंने बताया कि कार्तिकेय ने असुर तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया, जिससे धर्म, शौर्य और सत्य की विजय का संदेश मिलता है।
कथा के दौरान महिला मंडल की पहल
नारी शक्ति महिला मंडल और मध्यप्रदेश अग्रवाल महासभा जिला इकाई सीहोर के तत्वाधान में जारी इस शिव महापुराण कथा के दौरान करीब 1001 पौधों का वितरण किया जाएगा। इसको लेकर आयोजन समिति की ओर से श्रीमती ज्योति अग्रवाल, श्रीमती अंजू अग्रवाल ने बताया कि यहां कथा का श्रवण करने और यहां पर आए अतिथियों को पौधों का वितरण किया जा रहा है। शुक्रवार को कथा के पांचवे दिवस भगवान श्रीगणेश का विवाह महोत्सव का वर्णन किया जाएगा।

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