पटना : रिश्तों के नए मायने गढ़ता ‘सास की सौतन’, ट्रेलर ने बढ़ाया दर्शकों का उत्साह - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 21 जनवरी 2026

पटना : रिश्तों के नए मायने गढ़ता ‘सास की सौतन’, ट्रेलर ने बढ़ाया दर्शकों का उत्साह

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पटना (रजनीश के झा)। भोजपुरी सिनेमा में पारिवारिक रिश्तों और भावनात्मक उलझनों को नए अंदाज़ में पेश करने वाली फिल्म “सास की सौतन” का ट्रेलर रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है। रौशन सिंह के प्रस्तुतीकरण में बनी इस फिल्म को एसआरके म्यूजिक प्रा. लि. और शानवी म्यूजिक प्रा. लि. के बैनर तले तैयार किया गया है। ट्रेलर में ड्रामा, सस्पेंस, भावनाओं और हल्के-फुल्के हास्य का ऐसा मिश्रण देखने को मिलता है, जो इसे पारंपरिक पारिवारिक फिल्मों से अलग पहचान देता है। ट्रेलर से साफ है कि “सास की सौतन” सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि रिश्तों के भीतर छिपे तनाव, प्रेम और टकराव का आईना है। फिल्म पारिवारिक ढांचे में बदलते सामाजिक मूल्यों को छूती है और दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्ते आखिर किस तरह समय के साथ नया रूप ले रहे हैं। यही वजह है कि ट्रेलर देखने के बाद फिल्म को लेकर उत्सुकता और उम्मीदें दोनों बढ़ गई हैं। प्रस्तुतकर्ता रौशन सिंह का मानना है कि यह फिल्म हर उस परिवार की कहानी कहती है, जहां रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़े होते हैं। उनके अनुसार, मजबूत पटकथा, सटीक संवाद और प्रभावशाली अभिनय इस फिल्म की आत्मा हैं। फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ समाज के सामने एक सवाल भी रखती है, जिसे दर्शक लंबे समय तक महसूस करेंगे।


फिल्म की स्टारकास्ट इसे और मजबूती देती है। रितेश उपाध्याय, स्मृति सिन्हा, रक्षा गुप्ता, पाखी हेगड़े, समर्थ चतुर्वेदी, रीना रानी और संजय पांडे जैसे कलाकारों की मौजूदगी फिल्म को अभिनय के स्तर पर समृद्ध बनाती है। निर्माता शर्मिला आर सिंह और निर्देशक नीलमणि सिंह की जोड़ी पहले भी सार्थक सिनेमा के लिए जानी जाती रही है, जबकि लेखक शशि रंजन द्विवेदी ने कहानी में भावनाओं की गहराई को बखूबी पिरोया है। पी आर ओ रंजन सिन्हा हैं। तकनीकी पक्ष की बात करें तो संगीतकार ओम झा और आदर्श सिंह का संगीत, गीतकारों के भावपूर्ण बोल और सिद्धार्थ सिंह की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को विजुअली और म्यूजिकल रूप से समृद्ध बनाती है। हम्मिंग बर्ड वीएफएक्स द्वारा किया गया पोस्ट प्रोडक्शन फिल्म को एक बेहतर विजुअल टच देने का वादा करता है। कुल मिलाकर, “सास की सौतन” का ट्रेलर यह संकेत देता है कि यह फिल्म सिर्फ कहानी नहीं सुनाएगी, बल्कि रिश्तों पर चर्चा छेड़ेगी। अब दर्शकों की नजरें फिल्म की रिलीज पर टिकी हैं, जो भोजपुरी सिनेमा में पारिवारिक ड्रामा को एक नया आयाम देने की क्षमता रखती है।

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