- महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक पहल
बाल विवाह के विरुद्ध सशक्त संदेश, महिलाओं ने साझा की अपनी समस्याएं
कार्यक्रम में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर विशेष जोर देते हुए श्रीमती वीना चौधरी, केस वर्कर (OSC) ने इसे समाज से जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए भी घातक है। सखी वार्ता एवं जागरूकता सत्र के दौरान महिलाओं ने जेंडर आधारित हिंसा, घरेलू समस्याओं एवं सामाजिक चुनौतियों पर खुलकर अपनी बात रखी। महिला सशक्तिकरण कार्यालय के शिव राम मेहरा, लैंगिक विशेषज्ञ ने महिलाओं की समस्याओं का समाधान करते हुए बताया कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाएं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर किस प्रकार आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
बाल विवाह के खिलाफ शपथ, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का संकल्प
कार्यक्रम में प्रखण्ड परियोजना प्रबंधक (जीविका), दीदी अधिकार की कोऑर्डिनेटर एवं सफल CLF (जीविका) की सक्रिय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली तथा समाज में लैंगिक समानता, महिला सम्मान एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने की सामूहिक अपील की गई। यह कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक करने और एक सुरक्षित, समान एवं सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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