जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से विशेष व्यवस्था की गई है। जिन पेंशनधारियों का अंगूठा (फिंगरप्रिंट) काम नहीं करता, वे आइरिस (आंखों की पुतली) के माध्यम से भी अपना जीवन प्रमाणीकरण करवा सकते हैं। वहीं, यदि आधार अपडेट नहीं होने के कारण जीवन प्रमाणीकरण में कठिनाई हो रही हो, तो संबंधित पेंशनधारी निकटतम आधार केंद्र पर जाकर अपना आधार विवरण अद्यतन करवा लें, जिससे प्रमाणीकरण में किसी प्रकार की समस्या न हो। जिला अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा कोषांग के आंकड़ों के अनुसार, मधुबनी जिले में कुल 6,08,081 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से किया जाना है। हालांकि, अब तक केवल 3,68,000 (लगभग 60 प्रतिशत) पेंशनधारियों का ही जीवन प्रमाणीकरण पूर्ण हो सका है। शेष पेंशनधारियों से अपील की जाती है कि वे शीघ्र ही जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूर्ण कराएं, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से मिलती रहे। जिला प्रशासन एवं सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने सभी पेंशनधारियों से आग्रह किया है कि वे इस सूचना को गंभीरता से लें और निकटतम CSC पर जाकर अविलंब जीवन प्रमाणीकरण कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
मधुबनी, 07जनवरी (रजनीश के झा)। सामाजिक सुरक्षा कोषांग, मधुबनी द्वारा संचालित सभी 06 प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत समाज के वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांगजनों को प्रतिमाह पेंशन की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाती है। पेंशन की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु सभी पेंशनधारियों के लिए वर्ष में कम से कम एक बार जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है। सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा जानकारी दी गई है कि सभी पेंशनधारी किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर निःशुल्क जीवन प्रमाणीकरण करवा सकते हैं। निर्धारित अवधि में जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराने की स्थिति में संबंधित पेंशनधारी की पेंशन अस्थायी रूप से बाधित हो सकती है।

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