- लिखकर की घटना की जांच व कारवाई की मांग

समस्तीपुर, 30 जनवरी (रजनीश के झा)। 28 जनवरी 2026 की रात्रि 12.37 बजे आधे दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी द्वारा घर घेरकर बहुत देर तक पूछताछ करने से आहत माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को ईमेल एवं वाट्सएप के जरिए शिकायती आवेदन भेजकर घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कारवाई की मांग की है। माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने शिकायती आवेदन में कहा है कि 28 जनवरी 2026 की रात्रि 12.37 बजे सुषुप्तावस्था में आधे दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी शहर के विवेक -विहार मुहल्ला स्थित उनके आवास पर ज़ोर-जोर से आवाज लगाकर बुलाने लगे। जब उनकी पत्नी महिला संगठन ऐपवा की नेत्री बंदना सिंह ने बाहर आकर पूछा तो पुलिसकर्मी ने सुरेंद्र प्रसाद सिंह को बुलाइए कहने पर उन्हें बुलाया। इस दौरान उनकी बेटी, बेटी एवं पड़ोसी भी जग गये। माले नेता के आने पर पुलिसकर्मी ने बहुत देर तक पूछताछ की। इस दौरान मकान में कौन-कहां का रहता है, क्या करता है, नाम-पता बताईए, उनलोगों ने छात्र संगठन आइसा जिला सचिव सुनील कुमार, जिला अध्यक्ष लोकेश राज आदि के बारे में भी पूछा। मुख्यमंत्री के समक्ष 29 जनवरी को जुलूस निकिलने, स्मार-पत्र देने, 15 सवाल पूछने की भी विस्तारपूर्वक चर्चा की।फिर चप्पल पहन लेने को कहा। माले नेता ने कहा कि वे न अपराधी-माफियां हैं और न ही उन पर कोई केस, वारंट आदि पेंडिंग नहीं है। वे जनहितैषी समस्या-सवाल, मानवाधिकार का हनन, लोगों को न्याय दिलाने को आंदोलनकारी हैं। वे संवैधानिक-, लोकतांत्रिक अधिकार के तरह सरकार एवं प्रशासन की आलोचना करते हैं-आंदोलन करते हैं। इसी दौरान पुलिस कर्मियों की नजर उनके घर पर लगे सीसीटीवी पर पड़ी और फिर वे किसी अधिकारी से बात करने लगे और फिर घर पर ही रहने, फिर बात करेंगे, जरुरत पड़ी तो आएंगे कहते हुए अपने को मुख्यमंत्री का इंटरनल सेक्यूरिटी बताते हुए चले गये। उन्होंने कहा कि वे पुलिस कर्मियों में से मात्र एक मुफस्सिल थाना के पुलिस को पहचानते हैं, नाम नहीं जानते हैं। माले नेता ने इस घटना को शारीरिक, मानसिक सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से अपमान-परेशान करने वाली घटना बताते हुए जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह को शिकायती आवेदन देकर जांच कर दोषियों पर कारवाई एवं उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
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