- खेल एवं संस्कृति से सजे चार दिवसीय महोत्सव की शुरुआत
उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी एवं प्रतिस्पर्धात्मक युग में छात्रों के लिए केवल पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान पर्याप्त नहीं है। खेल के मैदान और सांस्कृतिक मंच छात्रों को अनुशासन, आत्मसंयम, धैर्य, परिश्रम, सहयोग, नेतृत्व और निर्णय क्षमता सिखाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हार और जीत को समान भाव से स्वीकार करना ही सच्ची खेल भावना है, और यही गुण छात्रों को जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति देता है। प्रो. चौधरी ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि उमंग 2026 जैसे आयोजन छात्रों को अपनी छिपी प्रतिभाओं को पहचानने, निखारने एवं आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मंच पर प्रस्तुति देने वाला छात्र भविष्य में समाज के सामने अपने विचार निर्भीकता से रख सकता है, वहीं मैदान में खेलने वाला छात्र जीवन की चुनौतियों से संघर्ष करना सीखता है। प्राचार्य प्रो. चंदन कुमार ने मुख्य अतिथि एवं सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि “उमंग डीसीई दरभंगा की उस सोच का प्रतीक है, जहाँ शिक्षा के साथ-साथ खेल और संस्कृति को समान महत्व दिया जाता है।” उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को अकादमिक दबाव से बाहर निकलकर अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का अवसर देते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को निष्पक्षता, अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।उमंग 2026 के अंतर्गत आयोजित प्रमुख खेल प्रतियोगिताएँ
उमंग 2026 के दौरान निम्नलिखित खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं—
क्रिकेट
फुटबॉल
वॉलीबॉल
कबड्डी
बैडमिंटन
एथलेटिक्स (100 मीटर, 200 मीटर दौड़, लंबी कूद आदि)
शतरंज
कैरम
इन प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ
छात्रों की रचनात्मक एवं बौद्धिक प्रतिभा को मंच प्रदान करने हेतु विविध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें—
निबंध लेखन (हिंदी एवं अंग्रेज़ी)
कहानी लेखन
वाद-विवाद प्रतियोगिता
(Extempore)
क्विज प्रतियोगिता
समूह चर्चा
डम्ब चारैड
एकल एवं समूह गायन
चित्रकला प्रतियोगिता
पोस्टर मेकिंग
सांस्कृतिक एवं मंचीय प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम के अंत में डीन (छात्र कल्याण) डॉ. शशि भूषण ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, प्राचार्य, सभी संकाय सदस्यों, आयोजन समिति, समन्वयकों, छात्र स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस महोत्सव के सफल आयोजन में समन्वयक श्री विनायक झा, श्री रवि रंजन, श्री अंकित कुमार एवं श्री मारुति नंदन मिश्रा की भूमिका सराहनीय रही। उद्घाटन समारोह में श्री श्याम सुंदर चौधरी, श्री अजीत कुमार गुप्ता, श्री मयंक कुमार सिंह, डॉ. दीप्ति, श्रीमती श्वेता, श्रीमती पूजा सहित अनेक संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। महोत्सव का समापन 12 जनवरी 2026 को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा तथा चयनित प्रतिभागी मंडलीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

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