श्रम मंत्री ने सुझाव दिया कि शहर के विस्तार और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रिंग रोड क्षेत्र में कहीं उपयुक्त भूमि पर नया भवन विकसित किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने काशी पत्रकार संघ से आग्रह किया कि वह बिंदुवार आवश्यकताओं, अनुमानित लागत (स्टीमेट) और स्पष्ट रोडमैप के साथ एक ठोस प्रपोजल तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराए। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रस्ताव मिलने के बाद मुख्यमंत्री के समक्ष इसे रखकर स्वीकृति दिलाना उनकी जिम्मेदारी होगी। अपने संबोधन में श्रम मंत्री ने कोरोना काल में दिवंगत पत्रकार साथी रामेन्द्र सिंह के मुआवजे के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी और सहायता राशि उनके परिजनों को जल्द सौंप दी जाएगी, ताकि परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल मिल सके। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सूबे के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने कहा कि काशी केवल आध्यात्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि वैचारिक, बौद्धिक और सामाजिक चेतना का प्राचीन केंद्र रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक हिंदी पत्रकारिता की नींव को मजबूत करने में काशी की ऐतिहासिक भूमिका रही है। भारतेंदु हरिश्चंद्र से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौर के संपादकों और लेखकों ने पत्रकारिता को समाज, राष्ट्रीय चेतना और जनपक्षधरता से जोड़ा। काशी की पत्रकारिता ने सत्ता से प्रश्न पूछने का साहस, समाज की विसंगतियों को उजागर करने की दृष्टि और राष्ट्र निर्माण की भावना को एक साथ साधा है।
समारोह में उपस्थित महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है, लेकिन उसका प्रयोग सत्य, न्याय और लोकहित के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि काशी की पत्रकारिता परंपरा इसी मूल्यबोध की वाहक रही है। जनप्रतिनिधियों ने पराड़कर जी की स्मृति स्थली के संरक्षण और संवर्धन में हर स्तर पर सहयोग का भरोसा दिया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा काशी पत्रकार संघ की वार्षिक डायरी–2026 का विधिवत विमोचन भी किया गया। डायरी को पत्रकारों के लिए उपयोगी जानकारी, संघ की गतिविधियों और संगठनात्मक स्मृति का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया गया। गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित आनंद चंदोला मीडिया खेल महोत्सव के तहत विभिन्न खेल प्रतियोगिताएँ संपन्न हुईं। खेलों में भाग लेने वाले और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पत्रकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल खेल भावना को प्रोत्साहित करने वाला रहा, बल्कि पत्रकारों के बीच आपसी सौहार्द और सामूहिकता को भी मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि संघ का उद्देश्य केवल भवन या सुविधाएँ प्राप्त करना नहीं, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और संस्थागत मजबूती को सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जय प्रकाश श्रीवास्तव ने दिया। खेल आयोजन पर रोहित चतुर्वेदी ने प्रकाश डाला। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में रामजी श्रीवास्तव और अनूप शील ‘पिंटू’ के सुमधुर गीतों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूर्वाह्न नौ बजे काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र द्वारा पराड़कर स्मृति भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। समारोह में कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, सहायक श्रमायुक्त अविनाश चंद्र तिवारी, वाराणसी व्यापार मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, घनश्याम जायसवाल, संजय जायसवाल, सीनियर सीए सुदेशना बसु, सुरेश गांधी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार, समाजसेवी, अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ये हुए पुरस्कृत:
प्रशांत मोहन, संदीप गुप्ता, रविकर दुबे, चंदन रूपानी, रोहित चतुर्वेदी, आर. संजय, अरुण मालवीय, चंद्रप्रकाश, संतोष चौरसिया, शंकर चतुर्वेदी, पंकज त्रिपाठी, रमेश वर्मा, विजय कुमार, दिनेश दत्त पाठक, अशोक पांडेय, अश्वनी चक्रवाल, जमुनाधर गुप्ता, शोएब रजा।

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