सीहोर : शहर के प्राचीन करोली माता मंदिर में ऐतिहासिक दिव्य अनुष्ठान - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 11 जनवरी 2026

सीहोर : शहर के प्राचीन करोली माता मंदिर में ऐतिहासिक दिव्य अनुष्ठान

  • प्रतिदिन किया जाएगा भंडारे का आयोजन : अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक से भेंट कर आमंत्रण पत्र सौंपा
  • 108 से अधिक देश भर के विप्रजनों के द्वारा किया जाएगा विधि-विधान से दिव्य अनुष्ठान

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सीहोर। शहर के इतिहास में पहली बार प्राचीन करोली माता मंदिर में आगामी 18 जनवरी से 27 जनवरी तक प्रतिदिन सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में उत्साह है। आयोजन समिति के द्वारा जिला मुख्यालय स्थित कुबेरेश्वरधाम पर पहुंचकर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से भेंट कर महायज्ञ के लिए आमंत्रण पत्र सौंपा। माता मंदिर परिसर में भव्य यज्ञ शाला का निर्माण किया जा रहा है। लगातार दस दिनों तक नगर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति ने शहर के नगर पुरोहित पंडित पृथ्वी वल्लभ दुबे, संत उद्वावदास महाराज, श्री हंसदास मठ दशहरा बाग के महंत हरिराम दास आदि को भी आमंत्रण सौंपा।


आयोजन को लेकर एक समिति का गठन किया गया है। जिसमें कार्यक्रम अध्यक्ष विवेक राठौर आदि को शामिल किया गया है। रविवार को पंडित श्री मिश्रा से आयोजन समिति के अध्यक्ष विवेक राठौर, हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र राठौर, सूत्रधार और मुख्य यजमान तरुण राठौर आदि ने भेंट की। इस संबंध में जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया ने बताया कि दस दिवसीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ में प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। जिसमें क्षेत्रवासियों के अलावा यज्ञकर्ता सहित विप्रजन भोजन प्रसादी ग्रहण करेंगे। यज्ञ का शुभारंभ मौनी अमावस से पूर्ण विधि-विधान के साथ किया जाएगा। पहले दिन भव्य कलश यात्रा हेमाद्री दोपहर तीन बजे और 19 जनवरी को अग्रि स्थापना नित्य हवन पूजन सुबह सात बजे से पांच बजे तक जारी रहेगी। यज्ञ आचार्य पंडित महादेव शर्मा के मार्गदर्शन में देश भर से आए 108 विप्रजनों के द्वारा दिव्य अनुष्ठान समापन कराया जाएगा। सहस्त्र चंडी यज्ञ की तैयारियों में मुख्य रूप से भव्य यज्ञशाला का निर्माण, वैदिक विद्वानों का जमावड़ा, दुर्गा सप्तशती के पाठ ब्राह्मणों की व्यवस्था, ध्वजारोहण, पंचांग पूजन, अग्नि प्रज्ज्वलन कन्या पूजन, भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शामिल है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की शांति, आरोग्य और समृद्धि प्राप्त करना होता है।  

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