सीहोर : श्री श्याम सेवा समिति और संस्कार मंच के तत्वाधान में खाटू श्याम जाने वाले पदयात्रियों का स्वागत - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।


बुधवार, 28 जनवरी 2026

सीहोर : श्री श्याम सेवा समिति और संस्कार मंच के तत्वाधान में खाटू श्याम जाने वाले पदयात्रियों का स्वागत

  • हैदराबाद से खाटू श्याम मंदिर तक की पदयात्रा अत्यंत भक्ति और अटूट आस्था का प्रतीक : मनोज दीक्षित मामा

Khatu-shyam-sehore
सीहोर। हैदराबाद से खाटू श्याम मंदिर तक की पदयात्रा अत्यंत भक्ति और अटूट आस्था का प्रतीक है, लेकिन करीब 25 से अधिक श्यामप्रेमी इस यात्रा में पूरे विश्वास से सबके कल्याण की भावना को लेकर चल रहे है। उक्त विचार शहर के क्रिसेंट चौराहे पर श्री श्याम सेवा समिति और संस्कार मंच के तत्वाधान में खाटू श्याम जाने वाले पदयात्रियों का स्वागत करते हुए मंच के संरक्षक मनोज दीक्षित मामा ने कहे। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को हैदरबाद से श्री श्याम मित्र मंडल भाग्यनगर के तत्वाधान में गत 21 दिसंबर से खाटू श्याम के लिए करीब 25 से अधिक श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए आगामी 20 फरवरी को राजस्थान के प्रसिद्ध  खाटू श्याम मंदिर पहुंचेंगे। इन यात्रियों का श्री श्याम सेवा समिति और संस्कार मंच के तत्वाधान में बंटी आर्य, धर्मेन्द्र माहेश्वरी, नितेश संधानी, अजय माहेश्वरी, उमेश चावड़ा, यशराज बुंदेला, प्रियांश और आशीष सूर्यवंशी आदि शामिल थे। इस मौके पर यात्रा के संचालक अजय गोयल ने बताया कि गत दिनों से हमारे नरेन्द्र गोयल आदि के द्वारा हैदराबाद से पैदल रवाना हुए है। हमारा सीहोर शहर में स्वागत किया गया है, अब हम सभी पैदल यात्रा करते हुए कालापीपल आदि से आगामी 20 फरवरी को खाटू श्याम मंदिर पहुंचेंगे।


संस्कार मंच के धर्मेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि चमत्कारी बाबा श्याम की महिमा निराली इस कहावत का अर्थ है कि खाटू श्याम जी की महिमा और कृपा अद्भुत और अलौकिक है। यह भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं और उन्हें जीवन के दुखों से मुक्ति दिलाते हैं, इसलिए उन्हें हारे का सहारा भी कहा जाता है। बाबा श्याम महाभारत के योद्धा बर्बरीक हैं, जिन्होंने भगवान कृष्ण को अपना शीश दान कर दिया था, जिस कारण उन्हें कलयुग में पूजनीय माना जाता है। भक्तों के बीच प्रसिद्ध है कि बाबा श्याम अपने भक्तों की हर मन्नत पूरी करते हैं। इसी वजह से उन्हें लखदातार भी कहा जाता है, क्योंकि वे देने में अपार हैं। लोग बाबा श्याम के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए तरह-तरह से उनकी भक्ति और सेवा करते हैं। 

कोई टिप्पणी नहीं: