- वाराणसी में मुख कैंसर पर सख्ती : टाटा कैंसर अस्पताल, जिला प्रशासन की दो दिवसीय मंथन बैठक
- तंबाकू नियंत्रण कानूनों के कड़े पालन और जन-जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि मुख कैंसर ऐसा कैंसर है, जिसे काफी हद तक रोका और नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए तंबाकू नियंत्रण कानूनों का सख्ती से पालन और स्कूलोंदृकॉलेजों में व्यापक जागरूकता अभियान बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कैंसर केवल मरीज ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है, इसलिए इलाज के साथ उसके कारणों पर काम करना भी उतना ही आवश्यक है। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल की कैंसर रोकथाम विभाग प्रमुख डॉ. दिव्या खन्ना ने बताया कि हाल ही में जारी पीबीसीआर रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में हर 36 में से एक पुरुष को मुख कैंसर का खतरा है। उन्होंने बताया कि देश में मुख कैंसर के मामलों के लिहाज से वाराणसी उन तीन प्रमुख शहरों में शामिल है, जहां सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने टाटा कैंसर अस्पताल का आभार जताते हुए कहा कि कैंसर की रोकथाम सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता के साथ तंबाकू से जुड़े सभी नियमों और कानूनों को सख्ती से लागू कराने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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