खचाखच सिगरा स्टेडियम, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा फाइनल
सिगरा स्टेडियम का इंडोर कोर्ट फाइनल मुकाबलों के दौरान खेल प्रेमियों से खचाखच भरा रहा। हर स्मैश, हर ब्लॉक और हर अंक पर उठती तालियों की गड़गड़ाहट ने यह साबित कर दिया कि काशी अब सिर्फ आध्यात्मिक ही नहीं, खेल चेतना की भी राजधानी बनने की ओर बढ़ चली है।
पुरुष फाइनल : रेलवे की रफ्तार के आगे बेबस केरल
रेलवे ने केरल को 3-0 (25-19, 25-17, 25-19) से हराकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष फाइनल में रेलवे की टीम ने शुरू से अंत तक मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। कप्तान अंगामुथु के नेतृत्व में रेलवे ने आक्रामक और अनुशासित खेल का ऐसा नमूना पेश किया कि केरल को संभलने का मौका ही नहीं मिला। रोहित कुमार के धारदार स्मैश, जॉर्ज एंटनी और एमिल टी. जोसेफ की नेट पर सटीक टाइमिंग, समीर सीएच के निर्णायक अंक और लिबरो आनंद के. की बिजली जैसी फुर्ती रेलवे की जीत की बुनियाद बनी। केरल की ओर से कप्तान सेथु टी.आर. और एरिन वर्गीस ने संघर्ष किया, लेकिन रेलवे की संगठित दीवार को भेद नहीं सके।
महिला फाइनलः केरल की बेटियों ने रचा रोमांचक इतिहास
केरल ने रेलवे को 3-2 (22-25, 25-20, 25-15, 22-25, 15-8) से हराकर चैंपियनशिप अपने नाम की। महिला फाइनल टूर्नामेंट का सबसे यादगार मुकाबला साबित हुआ। रेलवे ने पहला सेट जीतकर दबदबा बनाया, लेकिन केरल की बेटियों ने अद्भुत जुझारूपन दिखाते हुए वापसी की। निर्णायक सेट में केरल ने आक्रामक खेल से रेलवे को पूरी तरह दबाव में ला दिया। अनुश्री के पावरफुल स्मैश, लिबरो शिवप्रिया जी. की शानदार डिफेंस, अनघा आर. की अभेद्य ब्लॉकिंग और नंदना वी. व अन्ना मैथ्यू के अनुभव ने केरल को चैंपियन बना दिया। रेलवे की हार का कारण निर्णायक क्षणों में तालमेल की कमी और सर्विस रिसीव में चूक रही।
हार्ड लाइन मुकाबले : पंजाब और राजस्थान का कांस्य पर कब्जा.
पुरुष वर्गः पंजाब ने सर्विसेज को 3-0 से हराकर कांस्य पदक जीता.
महिला वर्गः राजस्थान ने हरियाणा को 3-1 से पराजित कर तीसरा स्थान हासिल किया.
पंजाब के जसजोत सिंह, प्रीत करन और लिबरो जगसीर सिंह जबकि राजस्थान की गुंजन रानी, आयुषी भंडारी और रितु बिजारणिया का प्रदर्शन निर्णायक रहा.
पुरस्कार वितरण में सजा सत्ता, खेल और समाज का संगम
नगर निगम द्वारा आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यमंत्री स्वतंत्रप्रभार रवीन्द्र जायसवाल, सीनियर पत्रकार हेमंत शर्मा, महापौर अशोक कुमार तिवारी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और खेल हस्तियों ने विजेता टीमों को ट्रॉफी व पदक प्रदान किए।
काशी ने पहली मेजबानी में रचा इतिहास
चार जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल शुभारंभ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भौतिक उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा दी। 42 साल बाद यूपी को और पहली बार पूर्वांचल को इस स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी मिली। इससे पहले 1984 में कानपुर में सीनियर नेशनल वॉलीबॉल हुआ था। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए मंच बना, बल्कि काशी के खेल बुनियादी ढांचे और खेल पर्यटन को भी नई पहचान दे गया।
एक नजर में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप
30 राज्य, 6 केंद्र शासित प्रदेश
1044 खिलाड़ी
पुरुष वर्गः 30 टीमें द्य महिला वर्गः 28 टीमें
100 रेफरी, 60 वीएफआई अधिकारी
200 वालंटियर्स
700 होटल कमरे, 2000 लोगों की दैनिक भोजन व्यवस्था
गंगा दर्शन के लिए क्रूज व स्टीमर

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