दिल्ली : नीति आयोग और एनआईआईटी फाउंडेशन के बीच हुई साझेदारी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।


बुधवार, 28 जनवरी 2026

दिल्ली : नीति आयोग और एनआईआईटी फाउंडेशन के बीच हुई साझेदारी

  • एस्पिरेशनल ब्लॉक में 1.2 लाख लाभार्थियों को किया जाएगा सशक्त

Niti-ayog
नई दिल्ली, जनवरी 28, (रजनीश के झा) : नीति आयोग और एनआईआईटी फाउंडेशन ने हाली में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक स्टेटमेंट आफ इंटेंट (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत जमीनी स्तर पर डिजिटल क्षमता, वित्तीय समावेशन (फाइनेंशियल) और रोजगार योग्यता को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि भारत के आकांक्षी यानी एस्पिरेशनल ब्लॉक्स में लक्षित प्रयास (टारगेटेड इंटरवेंशन) शुरू किया जा सके।


इस साझेदारी का उद्देश्य 100% ब्लॉक लेवल कवरेज हासिल करना, लगभग 1 लाख 20 हज़ार लाभार्थियों तक पहुँचना और महिलाओं की लगभग 40% भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह उद्देश्य समावेशी (इन्क्लूसिव) और धारणीय (सस्टेनेबल) विकास पर सरकार के प्रयासों के अनुरूप हैं। इस एसओआई पर हस्ताक्षर के अवसर पर नीति आयोग के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री बी.वी.आर. सुब्रमण्यम; नीति आयोग के एडिशनल सेक्रेटरी और एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम (एडीपी) और एस्पिरेशनल ब्लॉक्स प्रोग्राम (एबीपी) के मिशन डायरेक्टर श्री रोहित कुमार; और नीति आयोग के एडीपी/एबीपी के एडिशनल मिशन डायरेक्टर डॉ. महेंद्र कुमार मौजूद थे। एनआईआईटी फाउंडेशन की कंट्री डायरेक्टर डॉ. चारू कपूर; ऑपरेशन डायरेक्टर अमर गुप्ता; और एनआईआईटी फाउंडेशन के नेशनल प्रोग्राम हेड- स्किल एंड एजुकेशन अखिलेश शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


इस अवसर पर बोलते हुए नीति आयोग के सीईओ श्री बी. वी. आर. सुब्रमण्यम ने कहा, "यह साझेदारी सशक्त और आत्मनिर्भर एस्पिरेशनल ब्लॉक का निर्माण करेगी। इस तरह का प्रयास देश के विकास के लिए एक मुख्य केंद्र-क्षेत्र है।" एडिशनल सेक्रेटरी और मिशन डॉयरेक्टर, एडीपी एंड एबीपी श्री रोहित कुमार ने प्रोग्राम के इन्क्लूसिव डिज़ाइन पर ज़ोर देते हुए कहा, "इस साझेदारी की पहुँच और साथ ही महिलाओं की भागीदारी को दिए गए प्रोत्साहन से इन ब्लॉक में बुनियादी बदलाव लाने में मदद मिलेगी।" यह साझेदारी डिजिटल साक्षरता, वित्तीय समावेशन, रोज़गार के लिए स्किल सिखाने और समुदाय आधारित शिक्षण कार्यक्रमों को आयोजित करने पर केंद्रित होगी। इन्हें चुनिंदा एस्पिरेशनल ब्लॉक्स में लागू किया जाएगा। यह कार्यक्रम स्थानीय समुदायों के अंदर ही सीखने और स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुँच (लास्ट-माइल डिलीवरी) को मज़बूत करने के लिए तैयार किया गया है।


एनआईआईटी फाउंडेशन प्रशिक्षित मोबिलाइज़र और ट्रेनर्स के जरिए ज़मीनी स्तर पर कार्यक्रमों को लागू करेगा। इसके अलावा कम्युनिटी फैसिलेटर्स (समुदाय सुविधाकर्ताओं), स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के नेताओं और पीयर एजुकेटर्स की क्षमता भी विकसित की जाएगी। यह क्षमता निर्माण मॉडल इस तरह बनाया गया है कि ठोस कदम अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम लंबे समय तक बने रहें। एनआईआईटी फाउंडेशन की कंट्री डायरेक्टर डॉक्टर चारू कपूर ने कहा, "हम भारत की डिजिटल उन्नति के सफर में अपना योगदान देने और कार्यक्रम के परिणामों को सार्थक रूप से बनाए रखने पर केंद्रित हैं। नीति आयोग की साझेदारी यह सुनिश्चित करती है कि सही लाभार्थियों को फायदा मिले।" इस साझेदारी के माध्यम से नीति आयोग और एनआईआईटी फाउंडेशन मज़बूत, समावेशी और फ्यूचर रेडी एस्पिरेशनल ब्लॉक्स को बढ़ावा देना चाहते हैं। ऐसे ब्लॉक्स बेहतर डेवलपमेंट इंडिकेटर्स में योगदान देंगे और साथ ही भारत के व्यापक डिजिटल विकास और समावेशन एजेंडा को आगे बढ़ाएँगे।

कोई टिप्पणी नहीं: