घर बसाने का मतलब सिर्फ छत नहीं होता।
जब कोई महिला अपना गांव, परिवार और पहचान छोड़कर किसी दूसरे राज्य में शादी करके आती है, तो वह सिर्फ एक रिश्ता नहीं निभाने आती बल्कि वह भरोसा लेकर आती है। तब उसे वादा किया जाता है कि “तुम्हारा ख्याल रखा जाएगा।” “तुम अकेली नहीं हो।” “तुम्हारे बच्चे हमारे बच्चे हैं।” लेकिन आने के बाद हकीकत कुछ और होती है। कुछ ही महीनों बाद वही महिला बोझ समझी जाने लगती है। उसकी बीमारी खर्च लगने लगती है। उसके बच्चे जिम्मेदारी। और उसका दुख — बेवजह की ज़िद।
किसी ने नहीं सोचा कि वह भी इंसान है।
जब वह अपने मायके को याद कर रोती है, तो कोई नहीं पूछता कि खाना खाया या नहीं। कोई नहीं पूछता कि तबीयत कैसा है। उसे बस इतना सुनने को मिलता है कि “इतना खर्चा हो रहा है, और क्या चाहिए?” क्या इंसान होना अब महंगा हो गया है?
बच्चों के नाम पर सबसे बड़ा धोखा।
कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ यहां आती हैं। उन्हें भरोसा दिया जाता है कि बच्चे की पढ़ाई, इलाज, भविष्य — सब देखा जाएगा। लेकिन कुछ महीनों बाद वही वादे भूल जाते हैं। अगर निभा नहीं सकते थे, तो वादा क्यों किया? अगर जिम्मेदारी उठाने की ताकत नहीं थी, तो किसी औरत की ज़िंदगी से खेल क्यों किया?
मर्दानगी की असली पहचान।
मर्दानगी सिर्फ कमाने का नाम नहीं है। मर्दानगी है —
* पत्नी की इज्ज़त करना
* उसके बच्चों को अपनाना
* बीमारी और संकट में साथ देना
* उसे अकेला न छोड़ना
जो यह नहीं कर सकता, उसे किसी औरत की ज़िंदगी से खेलने का हक नहीं है।
हरियाणा के समाज से एक अपील।
हम हाथ जोड़कर कहना चाहते हैं कि अगर शादी करो, तो जिम्मेदारी के साथ करो। अगर किसी महिला को बाहर से लाओ, तो उसे इज्ज़त दो। उसके बच्चों को अपनाओ। उसके दर्द को समझो। अगर यह नहीं कर सकते, तो किसी की ज़िंदगी खराब मत करो।
अब चुप रहने का समय नहीं।
आज हरियाणा में सैकड़ों महिलाएं चुप हैं। लेकिन यह चुप्पी हमेशा नहीं रहेगी। अगर सारी बहनें एकजुट हो गईं, अगर उन्होंने अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाई — तो बदलाव होकर रहेगा। हम लड़ाई नहीं चाहते। हम सम्मान चाहते हैं। हम इंसान की तरह जीना चाहते हैं।
अंत में…
अगर कोई महिला आपके घर आती है — तो वह बोझ नहीं, भरोसा लेकर आती है।
अगर आपने उसे सम्मान दिया, तो वही घर खुशहाल बनेगा। और अगर आपने उसे तोड़ा —
तो याद रखिए, हर टूटे हुए दिल की आवाज़ एक दिन ज़रूर सुनी जाती है।
चंदा देवी, जींद, हरियाणा
(सर्वाइवर लीडर एवं सखी मंडल की संयुक्त सचिव)
संपर्क : 01169310275

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