सीहोर : संकल्प वृद्धाश्रम के बुजुर्गों ने किए सलकनपुर माता के दर्शन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 3 जनवरी 2026

सीहोर : संकल्प वृद्धाश्रम के बुजुर्गों ने किए सलकनपुर माता के दर्शन

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सीहोर। शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प वृद्धाश्रम में निवासरत गोपी दादा ने बताया कि वह करीब 72 साल के है और सलकनपुर में प्रसिद्ध माता मंदिर अब पूरी तरह से भव्य रूप ले चुका है तब से दर्शन की बड़ी अभिलाषा थी। परिवार वाले कभी धाम लेकर नहीं गए। वृद्धाश्रम से हम लोगों को माता के मंदिर ले जाया गया।  माता के दर्शन कर जीवन धन्य हो गया। ऐसे अनेक बुजुर्ग सीहोर और भोपाल में निवासरत है जिनको अब लगातार शहर के समाजसेवी अनिल राय के माध्यम से दर्शन का मौका मिल रहा रहा है। 2025 में उज्जैन महाकाल के दर्शन के बाद 2026 नव वर्ष के मौके पर अब सलकनपुर स्थित देवी धाम पर पहुंचकर माता रानी के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। कभी परिवार ने दर्शन कराने से मना कर दिया था, अब उन्हीं तीर्थ स्थलों पर आश्रम के लोग दर्शन के लिए खुशी-खुशी ले जाते हैं।


शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित दो दर्जन और भोपाल के अवधपुरी में निवासरत 18 बुजुर्गों को जिला मुख्यालय के समीपस्थ सलकनपुर में देवी दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन से वातावरण भक्ति रस में डूबा रहा। इस मौके पर समाजसेवी अनिल राय और उनके पुत्र का सम्मान आश्रम के संचालक राहुल सिंह सहित अन्य ने किया। इस मौके पर श्री राय ने कहाकि बुजुर्गों को इस यात्रा में देखकर हर्ष हुआ। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा ताकि बुजुर्गों को समाज से जोड़ा जा सके। वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को धार्मिक यात्रा कराना एक बहुत ही नेक और सराहनीय कार्य है, जो उन्हें मानसिक शांति और खुशी देता है; कई संस्थाएं और व्यक्ति ऐसे तीर्थ-यात्राओं का आयोजन करते हैं, जहाँ उन्हें मंदिरों, गुरुद्वारों के दर्शन कराए जाते हैं, भजन-कीर्तन का मौका मिलता है, और उन्हें परिवार जैसा महसूस कराया जाता है, जिससे उनका जीवन संतोषपूर्ण बनता है। मंदिर पहुंचने पर आश्रम के बुजुर्गों को एसडीएम, तहसीलदार, सलकनपुर के पुलिस अधिकारी और मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से विशेष दर्शन का अवसर मिला। इस मौके पर यहां पर मौजूद मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने आश्रम से आए वृद्धजनों का सम्मान किया और कहाकि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में आध्यात्मिक सुख और सामाजिक जुड़ाव लाना भी है। 

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