अंतरराष्ट्रीय निगरानी, विश्वस्तरीय इंतजाम
महापौर ने बताया कि काशी के खेल इतिहास में यह भी पहली बार है जब अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ (एफआईवीबी) के ऑब्जर्वर स्विट्जरलैंड से प्रतियोगिता की निगरानी के लिए वाराणसी पहुंचे हैं। मैचों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड और राजस्थान से विशेष टेराफ्लेक्स कोर्ट मंगाए गए हैं। कुल दो इंडोर और दो आउटडोर कोर्ट तैयार किए गए हैं, जहां आठ दिनों तक रोमांचक मुकाबले होंगे। प्रतियोगिता में 1022 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था शहर के प्रमुख होटलों के साथ-साथ स्टेडियम परिसर के नवनिर्मित छात्रावास में की गई है। दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि जहां सदियों से धर्म, दर्शन और संस्कृति की त्रिवेणी बहती रही है, अब वहीं खेल की चेतना भी अपनी पूरी ऊर्जा के साथ प्रवाहित होने जा रही है। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि काशी को ‘स्पोर्ट्स टूरिज्म हब’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि काशी की यह सफल मेजबानी आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के और बड़े खेल आयोजनों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
यूपी टीम पर सबकी निगाहें
महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश की पुरुष और महिला टीमों का चयन पूरी पारदर्शिता और मेहनत से किया गया है। पुरुष टीम की कमान श्रेयांस सिंह (यूपी पुलिस) को सौंपी गई है। अभिषेक मिश्रा (वाराणसी) : सेंटर ब्लॉकर, महिला टीम का नेतृत्व प्रियंका (यूपी पुलिस) करेंगी। अग्रिमा त्रिपाठी (वाराणसी) सेटर. दोनों टीमों में वाराणसी के खिलाड़ी भी अहम भूमिका में हैं, जिससे स्थानीय खेल प्रेमियों में खास उत्साह है।
प्रतियोगिता एक नजर में
4 से 7 जनवरी : लीग चरण (प्रतिदिन लगभग 30 मैच)
8 जनवरी : प्री-क्वार्टर फाइनल
9 जनवरी : क्वार्टर फाइनल
10 जनवरी : सेमीफाइनल
11 से 12 जनवरीः फाइनल मुकाबले व समापन समारोह
चार कोर्ट, आठ दिन, 125 से अधिक मुकाबले
2 इंडोर $ 2 आउटडोर कोर्ट
कुल 125 से अधिक मैच
लीग चरण में रोजाना लगभग 30 मुकाबले
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी
वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा
जिला व पुलिस प्रशासन की सतत निगरानी
खिलाड़ियों के लिए अलग हेल्प डेस्क
शाही मेहमाननवाजी और काशी दर्शन
1250 से अधिक खिलाड़ियों व अधिकारियों का आगमन
बनारसी व्यंजनों से परिचय
काशी विश्वनाथ धाम व प्रमुख स्थलों का दर्शन
राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप में धर्म और खेल का अनूठा संगम भी देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर की महिला टीम की कई खिलाड़ी हिजाब पहनकर मैदान में उतरीं, जो देश की विविधता, सांस्कृतिक समावेश और खेल भावना का जीवंत उदाहरण बना। दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। मतलब साफ है आज जब काशी के स्टेडियम में वॉलीबॉल हवा में उछलेगी, तो उसके साथ उछलेंगी पूर्वांचल की उम्मीदें, युवाओं के सपने और खेल के जरिए आगे बढ़ते भारत की तस्वीर। यह सिर्फ वॉलीबॉल नहीं, यह काशी के बदलते चरित्र की घोषणा है।

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