सीवरेज और पेयजल व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निगम और जलनिगम को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर हाल में नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। शहर में अनावश्यक जाम से निजात के लिए वेडिंग जोन बनाकर रिक्शा और ठेले व्यवस्थित करने, अवैध टैक्सी, बस व रिक्शा स्टैंड हटाकर उपयुक्त पार्किंग स्थलों पर संचालित करने के निर्देश दिए। ठंड को देखते हुए रैन बसेरों में पर्याप्त कंबल व सुविधाएं उपलब्ध कराने, मॉल की पार्किंग का उपयोग केवल पार्किंग के लिए सुनिश्चित कराने और सड़कों पर किसी भी वाहन को खड़ा न रहने देने के आदेश दिए गए। साइबर अपराधों पर अंकुश के लिए साइबर थाना और हेल्पडेस्क को सक्रिय करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने थानावार अवैध कब्जाधारियों, माफियाओं, पेशेवर गुंडों और चेन स्नेचरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। माघ मेले और आगामी पर्वों को देखते हुए विशेष सतर्कता और पुख्ता तैयारियों के भी निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2014 से 2025 के बीच जनपद में 35,155 करोड़ रुपये की लागत से 486 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। वर्तमान में 17,915 करोड़ रुपये की 128 परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें सड़क और पुल की 24 परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कानून-व्यवस्था, गौतस्करी के खिलाफ कार्रवाई, साइबर अपराध और यातायात प्रबंधन की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और काशी की वैश्विक पहचान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। बैठक में स्टाम्प राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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