उपभोक्ता का बिजली आपूर्ति अचानक 22 जनवरी को बंद हो गया। उन्होंने 100 रूपये से रिचार्ज किया। आपूर्ति शुरू नहीं हुई, उपभोक्ता ने पुनः 100 रूपये से रिचार्ज किया परन्तु विधुत आपूर्ति बहाल नहीं हुई। उपभोक्ता ने जानकारी प्राप्त कर बैलेंस चेक किया तो वे हक्का-बक्का रह गये जब मीटर बिल 38 हजार 5 सौ रूपये बताया। उपभोक्ता ने स्थानीय मिस्त्री, जेई से संपर्क साधा लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला। 23 जनवरी को बिल बढ़कर 46365 हो गया, 24 जनवरी को 54134 हो गया, 25 जनवरी को 58000 हो गया और 26 जनवरी को 77441 हो गया। बिजली बंद है, उपभोक्ता परेशान है लेकिन विधुत अधिकारी मौन हैं।
उपभोक्ता के शिकायत पर भाकपा माले के प्रभात रंजन गुप्ता, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में उपभोक्ता से मिलकर उनकी परेशानी को जानने की कोशिश की। माले नेता ने कहा कि मीटर पहले से करीब- करीब ठीक चल रहा था। उपभोक्ता के यहां कोई बकाया नहीं था। वे नियमित रिचार्ज कराते थे एवं विधुत आपूर्ति सुचारू रूप से चलता था। मीटर अचानक जंप करने लगा। एक दिन में 4-5 हजार रुपए बिल उठने लगा। उपभोक्ता परेशान हैं, विधुत आपूर्ति बंद है लेकिन विभाग चिरनिंद्रा में है। माले नेता ने अविलंब मीटर को ठीक कर बिल सुधार कर विधुत आपूर्ति शुरू करने अन्यथा उपभोक्ता द्वारा भाकपा माले के सहयोग से आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें