- चिन्मय मिशन का समष्टि गीता पाठ और आत्मिक एकता का अनुभव
इस विशाल समागम में 25 स्कूलों के 1500 छात्रों की भागीदारी विशेष रही। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि युवा पीढ़ी भी भारत की आध्यात्मिक विरासत से गहरे जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। गीता पाठ का नेतृत्व लगभग 90 विद्यार्थियों ने किया—जो मिशन की गीता प्रतियोगिताओं के विजेता रहे—और जिन्होंने आत्मविश्वास व शुद्ध उच्चारण के साथ पाठ को दिशा दी। कार्यक्रम के दौरान भजनों, गुरुदेव पर आधारित लघु फिल्म और ‘लाइट-एंड-लेजर’ प्रस्तुति ने दर्शन को दृश्य और अनुभव को और भी प्रभावशाली बना दिया। पूज्य स्वामी स्वरूपानंद के शब्दों में, “जब हजारों लोग एक साथ गीता का पाठ करते हैं, तो वह दर्शन से आगे बढ़कर सामूहिक आंतरिक अनुभव बन जाता है।” यह समष्टि गीता पाठ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि इस सत्य की पुनः पुष्टि था कि भगवद्गीता आज भी लोगों को जोड़ने, दिशा देने और भीतर से सशक्त करने की अपार शक्ति रखती है।

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