- सिनेमा को बताया भारतीय कथाओं का सशक्त माध्यम
इस मौके पर संजय लीला भंसाली ने कहा, “भारत गाथा थीम के तहत गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा और क्रिएटर कम्युनिटी का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ मिलकर इस टैब्लो को तैयार करना भारत की पुरानी कहानियों और उन्हें सिनेमा के ज़रिए दोबारा कहने की ताकत को सलाम है। यह माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की उस सोच को भी दिखाता है, जिसमें भारतीय कहानियों को दुनिया तक पहुंचाने और सिनेमा को भारत की सबसे मजबूत सांस्कृतिक आवाज़ के रूप में पेश करने की बात है।” भंसाली की मौजूदगी को सबने एकदम सही माना। उन्हें आज के दौर के उन चुनिंदा फिल्ममेकर्स में गिना जाता है जो राज कपूर, वी. शांताराम और महबूब खान जैसे दिग्गजों की विरासत को आगे बढ़ाते हैं। आज के सिनेमा में भंसाली ऐसे कहानीकार हैं, जिनकी फिल्मों में भव्यता भी होती है, जड़ों से जुड़ाव भी और गहरी सांस्कृतिक पहचान भी। भारत गाथा के जरिए गणतंत्र दिवस परेड ने फिर से दिखा दिया कि सिनेमा भारत की कहानी कहने की परंपरा में कितना अहम है। यह आधुनिक माध्यम भारत की सदियों पुरानी कहानियों की आत्मा को पूरी दुनिया तक पहुंचाता है।

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