प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. अंजनी कुमार, निदेशक, आईसीएआर–अटारी, पटना ने सरकारी सेवा में सेवा भाव के महत्व पर बल दिया तथा एक सच्चे कर्मयोगी के निर्माण में आंतरिक शक्ति एवं पदगत शक्ति की भूमिका को रेखांकित किया। डॉ. मोनोब्रुल्लाह, आईसीएआर–अटारी, पटना ने संगठन के भीतर एक प्रभावी, सकारात्मक एवं मूल्य-आधारित कार्य संस्कृति विकसित करने में “कर्मयोगी क्षणों” की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण के अंत में प्राप्त फीडबैक से यह स्पष्ट हुआ कि 80 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागियों ने अपने ज्ञान, दृष्टिकोण एवं प्रेरणा में उल्लेखनीय सुधार की जानकारी दी, जिससे कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने एवं कर्मयोगी के रूप में अपने योगदान को बढ़ाने में सहायता मिली। कार्यक्रम का समापन डॉ. डी. वी. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, आईसीएआर–अटारी, पटना एवं कार्यक्रम समन्वयक द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
पटना, 27 जनवरी (रजनीश के झा)। आईसीएआर–अटारी, पटना में राष्ट्रीय कर्मयोगी जनसेवा कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आईसीएआर–आरसीईआर, पटना तथा क्षेत्रीय मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र, बेगूसराय के अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मियों एवं प्रशासनिक कर्मचारियों सहित कुल 54 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन मास्टर ट्रेनर्स डॉ. रोहन कुमार रमन, वरिष्ठ वैज्ञानिक, तथा डॉ. सौरभ कुमार, वैज्ञानिक (आईसीएआर–आरसीईआर, पटना) द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत चार प्रमुख मॉड्यूल शामिल थे, जिनमें सेवा उन्मुखता, कार्यस्थल नैतिकता, प्रभावी संप्रेषण एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता पर विशेष ध्यान दिया गया।

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