फतेहपुर : अखिलेश यादव के दौरे में बदला ‘पीडीए’ का स्वरूप, जनपद में दिखा सियासी जोश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

फतेहपुर : अखिलेश यादव के दौरे में बदला ‘पीडीए’ का स्वरूप, जनपद में दिखा सियासी जोश

  • सपा प्रमुख ने फतेहपुर पुलिस एवं पुलिस अधीक्षक को लिया आड़े हाथ
  • समर्थकों से मिलते हुए चौकी चौराहे की पी फेमस चाय
  • पीडीए का मायने हुआ - पीड़ित, दुखी एवं अपमानित

Akhilesh-yadav-fatehpur
फतेहपुर (शीबू खान)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीते शुक्रवार को जनपद आगमन पर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म नजर आया। सपा द्वारा ‘पीडीए’ की नई परिभाषा— पीड़ित, दुखी और अपमानित को लेकर चर्चा तेज रही। जोकि पहले पीडीए को पिछड़ा, दलित, आदिवासी एवं अल्पसंख्यक से जोड़कर माना जाता रहा है। वहीं इस बयान के बाद पार्टी नेताओं ने इसे सामाजिक न्याय की नई व्याख्या बताया, जबकि समर्थकों ने इसे व्यापक जनसमर्थन से जोड़कर देखा। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के आगमन पर जनपद भर में लगे होर्डिंगों में अखिलेश यादव को ‘पीडीए महानायक’ के रूप में प्रस्तुत किया गया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत द्वार और बैनर-पोस्टर लगाकर शक्ति प्रदर्शन किया। अफोई से फतेहपुर शहर आगमन और वहां से लखनऊ प्रस्थान तक समर्थकों ने जगह-जगह अपने नेता का काफिला रोककर स्वागत किया। आम जनता, युवा और पार्टी पदाधिकारी कतारबद्ध होकर उनसे मिलने को उत्साहित दिखे। कार्यक्रम के दौरान कुछ स्थानों पर वरिष्ठ सपा नेताओं द्वारा अनुशासनहीनता भी देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल और स्वागत स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने में कार्यकर्ताओं को मशक्कत करनी पड़ी। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान युवाओं में खास उत्साह देखा गया। कई युवाओं ने उनके साथ सेल्फी ली और सोशल मीडिया पर साझा की। सपा सुप्रीमो ने भी युवाओं के साथ सहज अंदाज में तस्वीरें खिंचवाईं। कुल मिलाकर, यह दौरा राजनीतिक संदेश के साथ-साथ जनसंपर्क और शक्ति प्रदर्शन का मंच भी साबित हुआ। हालांकि ये दौरा समाजवादी पार्टी के आधार पर महज एक औपचारिक मुलाकात तथा वैवाहिक कार्यक्रम में उपस्थित होने का था। लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा जनपद की हर प्रेस वार्ता एवं समर्थकों के बीच भाजपा की आलोचना करते हुए जगह - जगह पर केंद्र सरकार में मोदी द्वारा यूएस डील और अडानी - अंबानी सहित यूजीसी जैसे कई महत्वपूर्व बिंदुओं पर प्रहार किया सतह ही केंद्रीय बजट पर भी चिंता जताई इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार के विरुद्ध भी कई प्रहार किया। प्रदेश के बजट के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सदन में बोली गई भाषा, जापान दौरा पर वनस्पति के नाम पर गांजा का जिक्र, किसी करीबी के कहने पर जापान घूमने जाना और सबसे बड़ी बात शंकराचार्य विवाद पर सरकार और मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए कई सवाल दागे जिसमें योगी का खुद का सर्टिफिकेट दिखाने से लेकर गोरखपुर को गोरखधंधा तक बताने से पीछे नहीं हटे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दोनों उप मुख्यमंत्रियों पर भी करारा प्रहार करते नजर आए। वहीं एडवोकेट जयराज मान सिंह के हत्या पर उनके परिजनों से मिलकर सपा सरकार आने पर वास्तविक जांच कराकर न्याय दिलाने की बात कही है।


हथेली गरम - पुलिस नरम कहकर पूंछा पुलिस कप्तान का रेट 

फतेहपुर पहुंचने पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी सुरक्षा के साथ हुए खिलवाड़ पर फतेहपुर पुलिस पर करारा तंज कसा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि हथेली गरम पुलिस नरम, बताओ हमें भी हथेली गरम करनी पड़ेगी अपनी सिक्योरिटी के लिए, अगली बार कर देंगे गरम हथेली, तुम्हारे कप्तान साहब (पुलिस अधीक्षक) बता दें कि कितने में गरम होगी हथेली... बताओ ये व्यवहार है इनका। इस बयान से फतेहपुर पुलिस पर खुलकर कुछ न बोलते हुए बहुत कुछ बोलकर चले गए अखिलेश यादव, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायल भी हो रहे हैं।


लाल टोपी बनी चर्चा का केंद्र

पूरे कार्यक्रम में अखिलेश यादव सपा की पहचान ‘लाल टोपी’ पहने नजर आए, जबकि उनके साथ मौजूद कई स्थानीय नेता बिना टोपी के दिखे। इसे लेकर समर्थकों के बीच हल्की चर्चा भी रही। कहीं न कहीं ये अनुशासन हीनता में भी जोड़ा जाना गलत नहीं होगा क्योंकि लाल टोपी सपाइयों की विशेष पहचान है और वो भी अपने नेता या यूं कहें कि राजनीतिक मुखिया के समक्ष लाल टोपी न पहनना जबकि मुखिया के सर पर लाल टोपी का पूरे समय में मौजूद रहना स्थानीय नेताओं का अनुशासनहीनता दर्शाता नजर आया।


शेषमन की चाय पहुंची अखिलेश यादव तक

खागा तहसील क्षेत्र के सुल्तानपुर घोष थाना अंतर्गत चौकी चौराहा स्थित ‘शेषमन की फेमस चाय’ भी इस दौरे की खास झलक बनी। चाय दुकान संचालक शेषमन यादव के पुत्र आर्यन यादव (डिजिटल क्रिएटर) ने अपने हाथों से अखिलेश यादव को एक नहीं बल्कि दो चाय परोसी। चाय पीने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना भी की। इतना ही नहीं अखिलेश यादव के सोशल मीडिया हैन्डल से आर्यन यादव के हाथों चाय लेते हुए की फोटो भी पोस्ट की है। वैसे तो चौकी की चाय पहले से ही फेमस रही है लेकिन अखिलेश यादव ने भी इस चाय को पीकर और फेमस कर दिया। इस बात से शेषमन यादव और उनका परिवार में उनके बेटे आर्यन यादव और दीपक यादव सहित दुकान के स्टाफ गदगद होते हुए गर्व करने की बात कही है।

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