जमशेदपुर : ज्योतिषी गलत हो सकते हैं, ज्योतिष विज्ञान नहीं : महेंद्र ठाकुर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 14 फ़रवरी 2026

जमशेदपुर : ज्योतिषी गलत हो सकते हैं, ज्योतिष विज्ञान नहीं : महेंद्र ठाकुर

Mahendra-thakur
जमशेदपुर (विजय सिंह), 14 फरवरी। ज्योतिष विज्ञान अथवा ज्योतिष विधा में कोई कमी नहीं है। भारत की पवित्र भूमि पर ऐसे महान संत- महात्मा अवतरित हुए हैं, जो अपने तप और ज्ञान से किसी व्यक्ति के चेहरे को देखकर ही सटीक भविष्यवाणी कर दिया करते थे और वह शत प्रतिशत सही भी होता था। ज्योतिष शास्त्र ज्ञान का महासागर है, जरुरत है, हमारे समर्पित अध्ययन की, शास्त्र को सही तरीके से समझने की और सही गुरु के मार्गदर्शन में ज्ञान प्राप्त करने की। छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर से एशियाई ज्योतिष सम्मेलन में भाग लेने जमशेदपुर पहुंचे जाने माने ज्योतिषाचार्य डाॅ. महेंद्र ठाकुर ने लाईव आर्यावर्त के प्रबंध संपादक से बात करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज अधूरे अध्ययन व व्यावसायिक दृष्टिकोण के कारण ज्यादातर ज्योतिष भटकाव के शिकार हो गए हैं।


पेशे से छत्तीसगढ में कामर्शियल टैक्स के एडिशनल कमिश्नर के पद से अवकाश प्राप्त डाॅ. महेंद्र ठाकुर की ज्योतिष पर गहरी पकड़ है और प्रशासनिक सेवा में कार्यरत रहने के दौरान भी अनेकों बार ज्योतिषीय  भविष्यवाणी की वजह से चर्चित रहे हैं। एक प्रश्न के जवाब में महेंद्र ठाकुर कहते हैं कि मंत्रों का हमारे जीवन में काफी प्रभाव होता है और सबसे बड़ी बात यह कि मंत्र कभी नुकसान नही करते, लाभ ही होता है। उन्होंने सभी लोगों से घर में सुख, शांति व आरोग्य के लिए प्रतिदिन माता लक्ष्मी, माँ सरस्वती, भगवान श्रीकृष्ण और गायत्री मंत्र के जाप करने तथा सरकारी सेवा में कार्यरत लोगों को हर रोज गायत्री मंत्र जाप करने की सलाह दी है। श्री ठाकुर मानते हैं कि रत्नों का महत्व है,बशर्ते रत्न शुद्ध हों और धारण करने की अवधि व विधि का ज्ञान हो। उनका मत है कि सही रत्न नहीं धारण करने से नुकसान भी हो सकता है। प्रशासनिक सेवा से संबंधित एक सवाल के जवाब में महेंद्र ठाकुर ने कहा कि उनका अनुभव है कि आईएएस अधिकारी जनहित में अच्छा काम करना चाहते हैं लेकिन जमीनी हकीकत से अनजान रहने की वजह से वे कई बार उन्हें क्रियान्वित नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि सुखद बात है कि आज युवा अधिकारी सिर्फ मातहतों पर आश्रित नहीं होकर स्वंय कार्यकक्ष से बाहर निकल कर जमीनी हकीकत से रूबरू हो रहे हैं।


ज्योतिष की कई विधाओं के अध्येता महेंद्र ठाकुर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के रुप में भी अपने कार्यकाल के दौरान काफी चर्चित रहे। अपने विनोदी स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले श्री ठाकुर की साहित्य पर भी गहरी पकड़ है और उन्होंने कई पुस्तकों व नाटकों की रचना भी की है। वे बताते हैं कि शीघ्र ही उनकी नई नाट्य रचना धरातल पर उतरेगी, जिसमें सिर्फ रंगों व संगीत से मनोभाव प्रकट करने की कोशिश है। इस नाटक में ना ही कोई पात्र है, ना ही संवाद। यह बिना शब्द, बिना भाषा, बिना चरित्र के मंचित होगा। पीएचडी,अर्थशास्त्र व हिन्दी विषय पर स्नातकोत्तर के साथ कानून की डिग्री प्राप्त डाॅ. महेंद्र ठाकुर ने ज्योतिष शास्त्र पर भी काफी शोध किया है। उनका कहना है कि पारिवारिक प्रगति के लिए हर व्यक्ति को अपने कुल देवी व कुल देवता की पूजा अवश्य करने के साथ ही अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। मंत्रों की चर्चा पर महेंद्र ठाकुर ने कहा कि बीज मंत्रों का जाप लाभकारी होता है। उन्होंने चाणक्य ऋषि को उधृत करते हुए कहा कि कोई ऐसा अक्षर नहीं जो बीज मंत्र नहीं हो, कोई ऐसी वनस्पति नहीं जो औषधि  नहीं हो, जरुरत सिर्फ जानकारी की है।

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